देखते देखते कौन क्या हो गया
वक़्त की दौड़ में आदमी खो गया।।१।।

साथ दें जो यहाँ दोस्त मिलते नहीं
क्या फिकर है उन्हें जो गया सो गया।।२।।

सिर्फ अपने लिए ही जिए जा रहे
कौन दो पल किसी के लिए रो गया।।३।।

देख पाया नहीं सुख पराया कभी
ताड़ मौका बबूली फसल बो गया।।४।।

पापियों को हमीं मान देते अखिल
एक डुबकी लगा पाप वो धो गया।।५।।

।।डॉ अखिल बंसल।।

आवासीय पता : डॉ अखिल बंसल
साई पैथोलॉजी लैबोरेट्री
श्री राम कॉलोनी
शिवपुरी (म.प्र) 473551
माता का नाम : शांति बंसल
पिता का नाम : डॉ डी के बंसल

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