एक रात चांद का दिल भर आया
जब भीड़ में महसूस की उसने तनहाई,

चांद को जब तनहा रोता देखा
तो सितारों की भी आंख भर आई,

अब तो रात भी संग लगी रोने,
और हवा ने ये खबर सारी सृष्टि मे फैलाई,

तब सागर भी दौड़ा दौड़ा आया,
और तभी नासमझ मानव चिल्लाया,

देखो समुद्र में
ज्वार आया,ज्वार आया

…..प्रीति सुराना

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