मज़दूर हूँ मैं – जय नारायण कश्यप

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आज नकारते हैं जो , कल दुलारते चलेंगे ,
क्या लिख गया हूँ मैं , कल संभालते चलेंगे ,
बज रही हैं तूतियाँ , जिनकी आसमान में ,
मेरी बुड़बुड़ाहटों को , फिर खंगालते चलेंगे ,

संस्मरण नहीं कोई , न कोई व्यथा कथा ,
दूर की कौड़ी नहीं , न कोई कल्पित कथा ,
ज़िंदगी का सार हैं , फोक फैंक आया हूँ ,
तार तार ठोक के , पट्ट बुन के लाया हूँ ,

बुला लो तुम अब मुझे , चाहे जिस भी नाम से ,
मूढ़ , फूड़ , निकम्मा गंवार , सुनता आया हूँ ,
चांदियों के चम्मच से न पला मैं पलने पाल ,
पत्थरों के घाट सो , सपनें धुनता अाया हूँ ,

खिल रहे हैं फूल जो , उड़ा रहे हैं खुशबू जो ,
मेरे पसीनें की गंध है , खून सींच लाया हूँ ,
कुछ नहीं हैं ताज वाज , कुछ नहीं क़ुतुब मीनार ,
धड़कते दिलों से सजते , गड़े ज़िंदा स्तूप लाया हूँ ,
मज़दूर हूँ , मज़दूर था , मज़दूर ही रहा सदा ,
मजबूरियों को ज़मीं में गाड़ , जीवन संवार लाया हूँ ,
ये दिखता जो ज़मीं पे है , मेरी हैं उपलब्धियां ,
तुम्हारे कागजी जो सपनें थे , उन्हें उकेर लाया हूँ !!

नाम : जय नारायण कश्यप
ईमेल: kashyap.jayanarayan1313@gmail.com

आवासीय पता : मकान नo १२० , रौड़ा सेक्टर , बिलासपुर , हिमाचल प्रदेश , पिन नo १७४००१

माता का नाम : श्रीमती सुशीला देवी
पिता का नाम : श्री ओम प्रकाश कश्यप

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