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लोग कहते हैं वो यहीं का है,
ग़म से बिखरा हुआ है वो, बेबसी का है।

कल तलक आसमाँ में उसके ही चर्चे थे,
गौर से देख लो, आज वो जमीं का है।

किसलिये नफ़रतें हैं फैली यहाँ,
आदमी दुश्मन आदमी का है।

किसने किये हैं कत्ल? है खंजर किसका?
घायल मैं हूँ, ये खंजर भी हमीं का है।

अँधेरी रात में वो घर से निकलता है “सुमन”,
डर उसे शायद रौशनी का है।

©मनीष_कुमार_सुमन

स्थायी पता :-
ग्रा0 पो0:-  संजात
थाना :- भगवानपुर
जिला :- बेगुसराय
बिहार 851120

वर्तमान पता:-
क्वार्टर न0 390A
रेलवे कॉलोनी, गांधीधाम
कच्छ, गुजरात
370201

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