माँ हो जाती है तन्हां – कवि गजेन्द्र परिहार ‘शहजादा’

image

जम जाता था पानी जिन माघ पूस की रातों को
उन रातों को जाग-जाग कर अपना चादर तुझे ओढ़ाया है
निस्वार्थ भाव से चाहा तुझको हरपल हरदम
रात- रात भर गीले से सुखा तुझे कराया है

image

देख बुरा सपना तू उन रातों को जग जाता था
डरकर अँधेरे से जब माँ माँ तू चिल्लाता था
छोड़- छाड़ कर सारा काम गहरी निद्रा ऐशो आराम
‘चुप हो जा मेरा लल्ला’ ये कहकर गोद तुझे उठाती थी

image

रह रहकर रोता था तू
सारी रात तुझे सुलाती थी
आ जाए निंदिया मेरे लल्ला को
मीठी लोरी तुझे सुनाती थी

image

इतने पर भी नींद ना आती
बांहों का झूला तुझे झुलाती थी
देख कदम तेरा पहला
ख़ुशी के आंसू रोती वो निश्छल अंखियाँ
रखती वो माँ उपवास कई
मिल जाये बेटे को  सारी खुशियाँ

संतान सप्तमी , हरछठ के काश बेर के काँटों को
तिल चौथ के तिल भरे उन पत्थर के पाटो को
पूजा सब देव धरम को और माना सब बातों को
करती थी उपवास दिन दिन भर
भूखे प्यासे रह जाती थी
ना भूल उस दिन को दया हीन
जब पारन का पहला निवाला तुझे खिलाती थी

जब जाता तू पढने बाहर
लड़ लड़ कर ज्यादा पैसे तुझे दिलाती थी
जब न आता पढना लिखना
बुला बुला कर राजू पिंटू को फ़ोन तुझे लगवाती थी

सास बहु की कहा सुनी में तू बीवी संग हो जाता है
आकर फिर बहकावे में उस माँ को खरी खोटी कह जाता है
भूल भाल तू सारे उपकार तू अलग सेटेल हो जाता है
खेलूंगी पोते पोती संग सपना फिर सपना रह जाता है

image

मै गजेन्द्र सुनता जब घर घर के ये किस्से
माँ हो जाती है तन्हा खुशियाँ आती है बीवी के हिस्से
उस युवा पीढी से सन्देश गजेन्द्र का
अच्छे बेटे बहु क्या कहलाओगे
एक दिन होना फिर ऐसा है
क्योंकि बीज बबूल के बोए
तो आम कहाँ से पाओगेे

image

कवि गजेन्द्र परिहार ‘शहजादा’
पिता – श्री रमेश सिंह परिहार
माता- श्रीमती गीता सिंह परिहार

पता – शिक्षक जिला शहडोल संकर टाकीज के सामने वार्ड  7 मध्यप्रदेश
पोस्ट बिजुरी तहसील कोतमा
जिला अनुपपुर
वर्तमान पता
पत्रकार कालोनी शहडोल  जिला शहडोल 484440

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s