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दिल्ली पुलिस ने कन्हैया की हिंदी में लिखी अपील को सार्वजनिक किया है जिसमें कन्हैया ने अपना और गांव का नाम बताते हुए लिखा है कि मैं भारत के संविधान में विश्वास रखता हूं। मेरा ये सपना है कि इसे अक्षरशः लागू करने में अपना हर संभव योगदान कर सकूं। मैं भारत की एकता और अखंडता को मानता हूं ‌और इसके विपरित किसी भी असंवैधानिक कार्यों का समर्थन नहीं करता हूं। 9 फरवरी 2016 को हमारे विश्वविद्यालय मे एक दुर्भागयपूर्ण घटना घटी जिसकी मैं निंदा करता हूं। विभिन्न सूत्रों से प्राप्त वीडियो को देखने के बाद पता चलता है कि जेएनयू में कुछ जेएनयू और कुछ बाहरी लोग असंवैधानिक नारे लगा रहे हैं। अतः मैं अपनी संवैधानिक प्रतिबद्घता के साथ उन नारों का समर्थन नहीं करता हूं। तथा आप सबसे अपील करना चाहता हूं कि इस संबंध में देश समाज तथा विश्वविद्यालयों में शांति न भंग की जाए।

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दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हमले के पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस कमीश्नर बीएस बस्सी ने कन्हैया पर हमले से इनकार कर दिया। बस्सी ने कहा कि ये कहना गलत है ‌कि कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पुलिस के नियंत्रण से बाहर चली गई थी। साथ ही ये आरोप भी गलत है कि कन्हैया को पीटा गया। जहां तक मुझे जानकारी है कोर्ट परिसर में बेहद भीड़ थी जिसमें धक्का मुक्की हुई। कन्हैया को ले जाने के लिए पुलिस के जवान और अधिकारी मौजूद थे ‌जो उसे सकुशल कोर्ट ले गए।

इस बीच उन्होंने माना कि कोर्ट ने इस मामले में उन्हें पेश होने के लिए कहा है और अगर सुप्रीम कोर्ट का पैनल मुझे दोषी पाता है तो मुझे भी अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है।

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इस बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटियाला हाउस कोर्ट में सुरक्षा व्यस्था की जांच के लिए बनाई छह सदस्यीय वकीलों की कमेटी ने कहा कि वो कोर्ट में व्याप्त भय के बातावरण को देख कर स्तब्ध हैं। हमारे ऊपर भी पत्थर फेंके गए। हालांकि दिल्ली पुलिस कमीश्नर बीएस बस्सी ने बताया कि कन्हैया कुमार ने पुलिस के माध्यम से एक लिखित अपील जारी ‌की है जिसमें उसने भारतीय संविधान के प्रति अपनी पूरी आस्था व्यक्त की है। बस्सी ने ये भी कहा कि अगर कन्हैया कुमार बेल के लिए अपील करता है तो पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि वो किसी को क्लीन चिट नहीं दे रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि एक युवा को अपने बचाव का मौका जरूर दिया जाना चाहिए।

साभार – अमर उजाला

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