किंगफिशर कंपनी के मालिक विजय माल्या ने अब तक बैंकों का लगभग 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ नहीं चुकाया है, जिसके कारण वो समाचपत्रों से लेकर न्यूज़ चैनल्स की बहसों का हिस्सा बने हैं. एक तरफ़ देश में किसान कर्ज़ के बोझ तले इतना दब जाता है कि उसे इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है. वहीं दूसरी देश में ऐसी कई कंपनियां मौजूद हैं जिन पर माल्या से कई गुना ज़्यादा कर्ज़ है. हाल ही में विदेशी ब्रोकरेज हाउस क्रेडिट सुइस ने सबसे ज़्यादा कर्ज़ वाले कॉर्पोरेट हाउस की एक लिस्ट जारी की है, जिसमें कई बड़ी कंपनियों के नाम शामिल है.

अंग्रेज़ी समाचार पत्र ‘हिन्दू’ की एक रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में 2001 से लेकर 2015 तक 20,504 किसानों ने आत्महत्या की है, वहीं 26 फरवरी 2016 के इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में लिखा है कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में 2015 में 1100 किसानों ने आत्महत्या की और इस साल जनवरी-फरवरी में 139 किसानों ने आत्महत्या की है. और हां, जब एक आम आदमी कर्ज़ चुकाने में सफ़ल नहीं हो पाता तो बैंक उससे पैसा निकलवाने के लिए कई तरह के हतकंडे अपनाते हैं, लेकिन इन अमीर लोगों के मामले में बैंकों ने उन्हें एक नहीं कई बार लोन दिया है, जिसके कारण इन पर कर्ज़ की रकम इतनी ज़्यादा हो गई है कि अगर वह बैंकों को वापस मिल जाए तो भारत को उतना ही फायदा होगा, जितना काले धन के वापस आने से होगा.

1. रिलायंस एडीएजी, 1.13 लाख करोड़ का है कर्ज़

अनिल अंबानी की अगुआई वाले समूह एडीएजी ग्रुप पर सबसे ज़्यादा कर्ज़ है. इस पर करीब 1.13 लाख करोड़ रुपए का कर्ज़ है. इसके लिए अनिल अंबानी पूरे ग्रुप की रीस्ट्रक्चरिंग पर फोकस कर रहे हैं. अनिल अंबानी की कंपनी डिफेंस, फाइनेंस, टेलिकॉम, ऊर्जा और मनोरंजन के क्षेत्र में काम करती है. आपको बता दें कि मार्च 2015 की बैलेंसशीट में अनिल अंबानी की कंपनी ने 1.25 लाख करोड़ रुपए का घाटा दिखाया था.

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2. वेदांता ग्रुप, 90 हजार करोड़ का कर्ज़

क्रेडिट सुइस की रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अग्रवाल की अगुआई वाले वेदांता ग्रुप पर 90,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा कर्ज़ है. यह भारत की दूसरी सबसे ज़्यादा कर्ज़ वाली कंपनी है. अगले वित्त वर्ष से कंपनी को 100 करोड़ डॉलर (करीब 6,694 करोड़ रुपए) के लोन का रीपेमेंट करना है, जबकि इसके बाद अगले 2 साल में कंपनी को हर साल 150 करोड़ डॉलर (10,000 करोड़ रुपए) लोन की रीपेमेंट करनी है.

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3. जयप्रकाश एसोसिएट ग्रुप, 85 हजार करोड़ का कर्ज़

JP ग्रुप इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, पावर और सीमेंट कारोबार में शामिल है. जेपी गौड़ के जेपी ग्रुप पर 31 मार्च 2015 तक कुल कर्ज़ 85,726 करोड़ रुपए था, जबकि कंपनी का कुल एसेट करीब 1 लाख करोड़ रुपए है. जेपी ग्रुप अपना कर्ज़ घटाने के लिए एसेट बेच रहा है, जिसके तहत कंपनी ने पिछले दिनों दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे के बेचने की भी बात कही थी. 2006 से 2012 के बीच कंपनी ने 60,000 करोड़ रुपए रियल एस्टेट में निवेश किए थे, लेकिन रियल एस्टेट की हालत खराब होने के बाद कंपनी की मुश्किलें भी बढ़ती चली गईं.

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4. अडानी, ग्रुप 72 हजार करोड़ का कर्ज़

अडानी ग्रुप के मालिक गौतम अडानी हैं. कंपनी पर कुल 72,632 करोड़ रुपए से ज़्यादा का कर्ज़ है. ऑस्ट्रेलिया में अडानी ग्रुप को माइन के लिए SBI के 100 करोड़ डॉलर के लोन पर एनालिस्ट ने सवाल खड़े किए थे. कंपनी पहले ही भारी कर्ज़ तले दबी है. ऐसे में इस कंपनी को और लोन देना कितना उचित है? कंपनी पर शॉर्ट टर्म कर्ज़ 17,267 करोड़ और लॉन्ग टर्म कर्ज़ 17,267 करोड़ और लॉन्ग टर्म कर्ज़ करीब 55,364 करोड़ रुपए है.

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5. जेएसडब्ल्यू ग्रुप, 58 हजार करोड़ का कर्ज़

सज्जन जिंदल की कंपनी JSW ग्रुप पर कुल 58 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का कर्ज़ है. सज्जन हाल ही में पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाक़ात कराने के कारण सुर्खियों में रहे हैं. JSW स्टील सेक्टर की बड़ी कंपनी है, लेकिन विदेश से आयात होने वाले सस्ते स्टील के कारण उसे घाटे का सामना करना पड़ रहा है.

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Source: livemint
Source: bhaskar

साभार ग़ज़बपोस्ट

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