यूजीसी नेट की तैयारी कैसे करें – संदेश आचार्य

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) नई दिल्ली द्वारा शोध को बढ़ावा देने हेतु एवं शिक्षकों की पात्रता निर्धारण करने हेतु राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का आयोजन वर्ष 1948 से किया जा रहा है। उक्त परीक्षा वर्ष में दो बार जून एवं दिसंबर माह में आयोजित की जाती है।

परीक्षा के दो मुख्य उद्देश्य है। प्रथम शोध कार्य करने हेतु छात्रवृत्ति प्रदान करना एवं द्वितीय शिक्षकों हेतु पात्रता मापदंड निर्धारित करना है। किसी भी विषय के स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त एवं अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र परीक्षा में प्रतिभागी हो सकते हैं।

इस परीक्षा में तीन प्रश्न-पत्रों का आयोजन एक ही दिन में किया जाता है। प्रथम एवं द्वितीय प्रश्न-पत्र का वस्तुनिष्ठ प्रकार के जबकि तृतीय प्रश्न-पत्र वर्णात्मक प्रकार का होता है। प्रथम प्रश्न-पत्र का पाठ्यक्रम समस्त विद्यार्थियों हेतु एक समान है, जबकि द्वितीय एवं तृतीय प्रश्न-पत्र विद्यार्थी के स्नातकोत्तर विषय की विषय वस्तु पर आधारित होते हैं।

नेट परीक्षा का प्रथम प्रश्न-पत्र मुख्यतः शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति पर आधारित है। साथ ही तर्क एवं गणितीय अभिक्षमता, सून प्रौद्योगिकी, पर्यावरण तथा अपठित गद्यांश से संबंधित प्रश्नों का समावेश भी इस प्रश्न-पत्र में होता है। इस प्रश्न-पत्र में कुल 60 प्रश्न पूछे जाते हैं। जिन में से 50 प्रश्नों को 75 मिनट में हल करना होता है। परीक्षा में ऋणात्मक अंकन नहीं किया जाता है। इस प्रश्न-पत्र से संबंधित विषयवस्तु की तैयारी निम्न प्रकार से की जा सकती हैः-

(1) शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति : इस विषय वस्तु से संबंधित अध्ययन हेतु बीए एवं एमएड की पाठ्य पुस्तकें सहायक सिद्ध हो सकती है। शिक्षा मनोविभाग, शैक्षिक शोध एवं शैक्षिक तकनीकी आदि से संबंधित पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन से संबंधित विषय वस्तु के अध्ययन कर शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति के प्रश्न को हल किया जा सकता है।

(2) तार्किक एवं गणितीय अभिक्षमता : नेट परीक्षा में चित्रात्मक एवं कथनात्मक दोनों प्रकार के तार्किक प्रश्नों के साथ सामान्य गणितीय अभिक्षमता एवं ग्रॉफिय निरूपण के प्रश्नों का समावेश होता है। इस हेतु बैंक प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें एवं कक्षा 5-10 तक की गणित विषय की पाठ्य पुस्तकों को प्रयोग में लाया जा सकता है। साथ ही इस विषय वस्तु हेतु प्रतिदिन अभ्यास की भी आवश्यकता होती है तभी विद्यार्थी गति एवं शुद्धता के मापदंडों तक पहुंच कर इन प्रश्नों का हल करने में सक्षम होगा।

(3) सूचना प्रौद्योगिकी : इस विषय वस्तु से संबंधित प्रश्न मुख्यतः इंटरनेट, सम्प्रेषण एवं ऑपरेटिंग तंत्र पर आधारित होते है। साथ ही कुछ प्रश्न इस क्षेत्र की नवीनतम जानकारी से भी जुड़े होते है। इस हेतु कम्प्यूटर की आधारभूत पुस्तकों का अध्ययन मददगार साबित हो सकता है। इस क्षेत्र की नवीनतम जानकारियों हेतु कम्प्यूटर से संबंधित प्रकाशित पत्रिकाएं, दैनिक समाचार-पत्रों का अध्ययन कर सफलता प्राप्त की जा सकती है।

(4) पर्यावरण विज्ञान : नेट के प्रथम प्रश्न-पत्र में पर्यावरण विज्ञान से संबंधित प्रश्नों का समावेश भी होता है। जिसमें पर्यावरणीय समस्याओं, सम्मेलनों व नवीनतम जानकारी से जुड़े प्रश्न होते हैं। इस हेतु विभिन्न प्रकाशनों के पर्यावरण विशेषांक, कक्षा 6-10 तक की पर्यावरण से संबंधित पाठ्य पुस्तकों आदि का अध्ययन कर उक्त प्रश्नों को हल किया जा सकता है।

 

अगर आप यूजीसी की परीक्षा में सफल होना चाहते हैं तो आपके लिए बेहतर यही है कि आप सिर्फ रिवीजन करें। अगर आप रिवीजन कम समय में बेहतर तरीके से करते हैं, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है…
सफल होने वाले लोग पहले से योजना बनाते हैं और उसी के अनुरूप तैयारी करते हैं। किसी भी  परीक्षा में आप बेहतर प्रदर्शन तभी कर पाएंगे, जब आप इस परीक्षा की तैयारी सिलेबस के अनुरूप करेंगे। आप इस परीक्षा की तैयारी कर लिए होंगे, लेकिन अब इसे फाइनल टच देने का समय आ गया है।

कई स्टूडेंट्स बेहतर पढ़ाई करने के बावजूद रिविजन के अभाव में परीक्षा में सफल नहीं होते हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि वे फाइनल टच नहीं देते हैं। इस समय टीचिंग का जॉब इस समय काफी हॉट हो रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि इस जॉब में सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ ही हैवी सैलरी मिलती है। इसके साथ ही सरकारी नौकरी करने का अलग से एडवांटेज होता है। इस कारण काफी संख्या में स्टूडेंट्स सम्मिलित होते हैं। अगर आप भी पढऩे और पढ़ाने के शौकीन हैं और कॉलेज में लेक्चरर बनकर ज्ञान से स्टूडेंट्स को लाभान्वित  करना चाहते हैं, तो आपके लिए इस समय बेहतरीन अवसर है।

पैसा के साथ डिग्री
इस परीक्षा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सबसे अधिक माक्र्स लानेवाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप की सुविधा मिलती है। अगर आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, तो स्कॉलरशिप के माध्यम से आप अपनी पढ़ाई आसानी से कर सकते हैं। जो स्टूडेंट्स इस परीक्षा में सबसे अधिक अंक लाते हैं, उनकी मेरिट लिस्ट बनाई जाती है और इनमें से कुछ को जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी जेआरएफ और शेष को नेट यानी नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए चुना जाता है। जेआरएफ में चुने गए स्टूडेंट्स को रिसर्च के लिए स्कॉलरशिप दिए जाते हैं, जबकि नेट क्वालीफाई को स्कॉलरशिप नहीं दिए जाते हैं। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करनेवाले स्टूडेंटस ही लेक्चरर या रीडर पद के योग्य होते हैं।

 

आवश्यक योग्यता
सामान्य अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से अपनी विषयों में स्नातकोत्तर अनिवार्य है। एससी, एसटी तथा समाज के विकलांग व्यक्तियों के लिए 50 प्रतिशत अंकों से स्नातकोत्तर होना जरूरी है।  लेक्चरर पद की पात्रता प्राप्त करने की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा का कोई बंधन नहीं है, वहीं जेआरएफ के लिए उम्र सीमा सामान्य उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 19 और अधिकतम 28 वर्ष है, जबकि एससी, एसटी तथा विकलांग व्यक्तियों को अधिकतम उम्र सीमा में पांच वर्ष की छूट का प्रावधान है।

एक्यूरेसी है महत्वपूर्ण
इस परीक्षा में आप तभी  सफल हो सकते हैं, जब आप स्पीड और एक्यूरेसी का ध्यान रखेंगे। ऑब्जेक्टिव परीक्षा में इसका काफी महत्व होता है। आपके लिए बेहतर होगा कि निर्धारित समय सीमा के अंदर प्रश्नों को एक्यूरेसी के साथ हल करने का अभ्यास करें। यदि आप इसका अभ्यास करते हैं, तो समय रहते कमजोरी का पता चल जाएगा, जिसे आप आसानी से दूर कर सकते हैं। इस परीक्षा में  बेहतर अंक तभी ला सकते हैं, जब आपका अपनी विषय पर पकड़ होगा। इस कारण सबसे पहले आप अपनी विषय से रिलैटेड प्रश्नों का हल करें। बाजार मे इससे संबंधित काफी पुस्तक उपलब्ध होते हैं। करेंट रिसर्च पर गहरी निगाह रखें। इस परीक्षा की तैयारी कुछ दिनों में संभव नहीं है। इसकी पूरी तैयारी आप तभी कर पाएंगे, जब आप प्लानिंग से तैयारी करेंगे।

 

विषय पर पकड़ जरूरी
प्रश्नों का स्तर स्नातकोत्तर स्तर का होता है। इस कारण उसके सिलेबस और विषय की समझ पहले विकसित करें। बेहतर स्ट्रेटेजी यह होगा कि आप प्रामाणिक पुस्तकों का अध्ययन करें। उसके बाद संक्षिप्त नोट्स बनाएं और उसी को बार-बार पढ़ें। इस तरह की रणनीति अपनाने से फायदा यह होगा कि आप कम समय में बेहतर तैयारी कर पाएंगे और परीक्षा के समय बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

 

बाजार में इसके लिए नोट्स भी मिलते हैं। यदि आप चाहें, तो इसकी सहायता ले सकते हैं। तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अध्याय को एक जगह नोट भी कर सकते हैं। इस लिस्ट में उन्हीं को शामिल करें, जिससे हर वर्ष या सर्वाधिक प्रश्न पूछे जा रहे हैं। प्राय: ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्नों में अभ्यर्थियों के समक्ष तीन तरह के प्रश्न रहते हैं। पहला-आसान, दूसरा-50-50 और तीसरा लकी। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। इस कारण दो विकल्प को अपनाना कारगर हो सकता है। परीक्षा और सिलेबस के बारे में विस्तृत रूप से जानना चाहते हैं, तो वेबसाइट देख सकते हैं।

http://www.ugcnetonline.in

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