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हैदराबाद। अगर आप भी इंटरनेट पर पोर्न साइट देखने के शौकीन हैं और अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप और डेक्सटॉप पर एकांत में पोर्न वीडियो, पिक्चर और फैन्टेसी साहित्य पढ़ने में रुचि रखते हैं तो नि:संदेह ये चौंकाने वाली खबर आप के लिए ही है। साइबर सिक्योरिटी से जुड़े रिसर्चर्स के अनुसार इंटरनेट पर पोर्न साइट देखने वालों को अब सचेत हो जाना चाहिए क्योंकि, ऐसा करते वक्त जरा सी लापरवाही बहुत महंगी पड़ सकती है।

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर उत्सव गर्ग ने ईनाडु इंडिया से विशेष बातचीत के दौरान युवाओं को आगाह किया है कि इंटरनेट पर पोर्न वेबसाइट्स पर समय बिताना यानी बड़ी मुसीबत को दावत देना है। इंटरनेट पर बढ़ रहे साइबर अपराधों से लगभग अनभिज्ञ ज्यादातर युवा धड़ल्ले से पोर्न साइट्स पर हिट कर रहे हैं लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अहसास नहीं होता है कि ऐसा करके वो बड़ी नहीं बल्कि बहुत बड़ी मुसीबत को आमंत्रित कर रहे हैं। उत्सव गर्ग के अनुसार अधिकांश इंटरनेट यूजर अश्लील वेबसाइट पर जा रहे हैं, वहां (पोर्न साइट्स पर) से वो ना सिर्फ वीडियो फाइल्स डाउनलोड कर रहे हैं बल्कि उनके द्वारा अश्लील इमेज भी धड़ल्ले से डाउनलोड किये जा रहे हैं। बकौल उत्सव, ”क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, ईमेल हैकिंग, सोशल नेटवर्किंग एकाउंट्स हैकिंग के जो तरीके होते हैं वो सबकुछ पोर्न साइट के जरिये अंजाम देना बहुत ही आसान है।’

उत्सव बताते हैं, ”पहले तो ये जान लें कि पोर्न साइट पूरी तरह से अवैध होती हैं, इनका संचालन ना तो कोई सरकार करती है और ना ही इसमें किसी प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन की कोई भूमिका होती है। यहां तक कि बहुत सी पोर्न साइटों के असली मालिक का कुछ भी अता-पता नहीं होता। इसलिए यहां हुए किसी भी प्रकार के फ्रॉड के पीछे छिपे मास्टरमाइंड को पकड़ पाना लगभग नामुमकिन होता है।

पोर्न साइट : मौज-मस्ती नहीं मुसीबतों का जंजाल पोर्न वेबसाइट पर वक्त गुजारने वालों को ये अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि यहां से वीडियो या फोटोग्राफ डाउनलोड करना और लाइव सेक्स चैट करना बेहद खतरनाक है। इस दौरान हैकर्स आपके कम्प्यूटर, स्मार्टफोन में बड़ी आसानी से घुसपैठ कर सकते हैं। जहां से वो ना सिर्फ आपके हार्ड डिस्क में मौजूद प्राइवेट डाटा, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स, फोटो गैलरी, ऑनलाइन बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स, नेट बैंकिंग लॉगिन, सोशल नेटवर्किंग लॉगिन (फेसबुक, ट्विटर, गूगल, लिंकडिन आदि) की पूरी की पूरी जानकारी बड़ी ही आसानी से चुरा सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर उत्सव गर्ग के अनुसार, ”पोर्न साइट पर विजिट करते ही आपको अजीबो-गरीब भड़कीले विज्ञापन दिखाई देते हैं। इनपर अक्सर कुछ ऐसा लिखा होता है, जैसे-
‘Your Mobile/ Computer is Running Very Slow, Click Here to boost your mobile/ Computer.’
या फिर
आपने जीते हैं इतने डॉलर, कैश कराने के लिए करें ये ऐप डाउनलोड’
इसके अलावा कई बार वीडियो पर क्लिक करते ही एक डायलॉग बॉक्स खुलता है जिसमें आपसे अनुरोध किया जाता है कि फलां-फलां वीडियो प्लेयर डाउनलोड करें या फिर कोई और ऐप डाउनलोड करने करने की बात कही जाती है। पोर्न साइट पर आए इनमें से किसी भी मैसेज पर भरोसा करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि, इनका वेंडर यानी ऐप डाउनलोड लिंक खुद वेबसाइट ही होती है ना कि गूगल प्ले स्टोर या अन्य सुरक्षित ऐप स्टोर। अगर आपके साथ भी ऐसा हो तो तुरंत सचेत हो जाइए। क्योंकि ये एक किस्म का की-लॉगर या बॉटनेट हो सकता है।

क्या होते हैं की-लॉगर और बॉटनेट

उत्सव बताते हैं कि पोर्न साइट विजिट करने के दौरान अगर आपने भूल से भी अनावश्यक एप्लिकेशन को इंस्टाल करने के लिए लिंक पर क्लिक किया तो बेहद खतरनाक किस्म के एंड्रायड या विंडोज एप्लिकेशन आपके डिवाइस में इंस्टाल हो जाता है। इसके तुरंत बाद ही ये खतरनाक बॉटनेट या की-लॉगर हजारो किलोमीटर दूर बैठे अपने आका के इशारे पर आपके डिवाइस को खंगालना शुरू कर देता है और उसमें मौजूद हर एक जानकारी अपने गुमनाम आका तक पहुंचा देता है। एंटीवायरस भी नहीं ट्रेस कर पाता इन्हें उत्सव के अनुसार की-लॉगर या बॉटनेट कोई सॉफ्टवेयर नहीं होते ना ही ये कोई वायरस ही होते हैं इसलिए एंटीवायरस भी इन्हें रिमूव नहीं कर पाता। यही नहीं एक बार आपके डिवाइस में इंस्टॉल होने के बाद ये की-लॉगर या बॉटनेट आपकी हर गतिविधि पर सक्रिय नजर रखता है।

की-लॉगर्स इतने खतरनाक होते हैं कि आपके द्वारा अपने डिवाइस में टाइप किये गए हर एक अक्षर या वाक्य या किसी भी वेबसाइट पर डाला गया लॉगइन डिटेल जैसे यूजर या पासवर्ड, पिन, पर्सनल चैट को ये अपने मेमोरी में स्टोर कर लेता है और आपकी जानकारी के बिना ही सारी इन्फॉर्मेशन अपने आका यानी डेस्टिनेशन सर्वर पर ट्रांसफर कर देता है। वहीं बॉटनेट्स भी इसी तरह कार्य करते हैं। वो इंटरनेट ऑन होने पर अपने आप कमांड कंट्रोल सर्वर से कनेक्ट हो जाते हैं। बॉटनेट्स के जरिये इसे संचालित करने वाले हैकर्स आपके मोबाइल या कम्प्यूटर में घुसने के नए रास्ते बनाते हैं और तो और आपके मेमोरी कार्ड को पूरी तरह से खंगाल डालते हैं।

अनइंस्टाल करने से भी नहीं मिलती मुक्ति

अगर आप ऐसे ऐप को अनइंस्टाल कर भी देते है तब भी ये पूरी तरह अनइंस्टाल नहीं होगा। सिर्फ इतना ही नहीं, ये एप्लिकेशन हजारों किलोमीटर दूर बैठे अपने गुमनाम आका के सर्वर के जरिए भी कंट्रोल किये जा सकते है। इसे साइबर सिक्योरिटी की भाषा में ‘कमांड कंट्रोल सर्वर’ भी कहते हैं। ये कमांड सर्वर भी ऐप इंस्टॉल होने के बाद अपने मालिक के मन मुताबिक आपके डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। यही नहीं अगर आप पोर्न साइट से कोई भी ऐप इंस्टाल नहीं करते और सिर्फ मजे के लिए वीडियो डाउनलोड करते हैं तो भी संभल जाएं क्योंकि खतरनाक एप्लिकेशन वीडियो फाइलों के जरिए भी आपके सिस्टम में अपनी पैठ बना सकता है। लिहाजा पोर्न साइट एक्सेस करने से बचें।

(हिंदी डॉट एन्नादुइंडिया की रिपोर्ट)

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