Jharkhand Girl Misbehaved by Police - Literature in India
अपर्णा की कमर में रस्सी बाँध कर रेलवे स्टेशन पहुंचे पुलिसकर्मी

हाल ही में झारखण्ड पुलिस का एक बेहद ही शर्मनाक चेहरा सामने आया है| घटना राजस्थान के अलवर जिले से है जहाँ झारखण्ड पुलिस, एक महिला द्वारा दहेज़ उत्पीड़न के एक मामले में सास, ससुर और महिला के पति को गिरफ्तार करने पहुंची थी| पुलिस जब बैंक कॉलोनी पहुंची तो नामजद सास, ससुर और पति फ़रार थे| घर पर अपर्णा से पहले तो पूछताछ की गयी फिर उसकी कमर को रस्सी में बांधकर घसीटते हुए रेलवे स्टेशन तक लाया गया, हद तो तब हो गयी जब ये बेहया पुलिस टीम क़ानून को ही ताख पर रख कर अपर्णा को रस्सी में बंधे हुए ही ट्रेन में बैठाकर झारखण्ड रवाना हो गयी|

ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायलय के आदेशानुसार किसी महिला को हथकड़ी नहीं लगायी जा सकती परन्तु यहाँ पुलिस ने उस लड़की की इज्ज़त को बीच सड़क सैकड़ो लोगों के सामने तार-तार कर दिया| पुलिस द्वारा यह कृत्य रेप जैसे जघन्य अपराध की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है पर वही बात ‘जब सैयां थानेदार तो…”…मुकदमा दर्ज करे तो कौन करे?

Besharam Police
मीडिया को धौंस दिखाते परमवीर पुलिस के जवान

शायद अपर्णा को भारतीय क़ानून पर विश्वास था और उसे पता था कि उसके साथ जो हो रहा है वो गलत है, इसीलिए वो मीडिया के कैमरे के सामने भी चुप थी|

बेशरम पुलिस
अपर्णा के कमर में रस्सी बाँध कर ले जाती हुई बहादुर जवान

अब सवाल यह है कि भले ही इन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया हो लेकिन अपर्णा को बिना अपराध इस तरह बेईज्ज़त करना कहाँ तक जायज़ है? आज नहीं तो कल इस मामले के शांत होते ही इन पुलिस कर्मियों की बहाली हो जाएगी पर जो लांछन और दाग अपर्णा की इज्ज़त पर बीच बाज़ार लगाया गया, उसका हिसाब कौन देगा?

Jharkhand Girl Tied with rope by police
गुमसुम सी बैठी अपर्णा और बेहयाई से चाय की चुस्कियां लेते वीर जवान

अपराधियों के सामने नतमस्तक और उन्हें खुला छोड़ कर ले जाने वाली पुलिस ने इस मामले में कैसा काम किया, आप खुद ही तय करे|

इनपुट

लिटरेचर इन इंडिया न्यूज़ डेस्क

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