UPPOLICE
साभार : दैनिक भास्कर

सोशल मीडिया और कंप्यूटर के इस दौर में जैसे-जैसे हर किसी की जवाबदेही सुनिश्चित हुई है, वैसे-वैसे इन माध्यमों का इस्तेमाल करके सरकारों ने लोगों से सीधे संवाद करने का अभूतपूर्व निर्णय लिया है| इसी कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है, और, वो नाम है…भारत के सबसे ज्यादा जनसँख्या वाले राज्य की पुलिस यानि यूपी पुलिस|

ट्विटर
साभार : ट्विटर

कुछ समय पहले कुछ चुनिन्दा पुलिस अधिकारी ट्विटर पर सक्रीय थे और वो जनता से सीधे शिकायतों और सुझावों का संज्ञान लेकर सम्बंधित पुलिस अधिकारीयों को कार्यवाही का आदेश देते थे जिनमे लखनऊ रेंज के पुलिस महानिदेशक ए सतीश गणेश, डीजीपी ऑफिस के पी.आर.ओ. राहुल श्रीवास्तव एवं यूपी पुलिस डीजीपी जावीद अहमद के नाम प्रमुख है| लेकिन धीरे-धीरे संपर्क के बढ़ते दायरे और अपनी छवि पर लगे दाग को मिटाने के लिए एक दूरगामी सोच के अंतर्गत डीजीपी जावीद अहमद ने ट्विटर सेवा हेतु इच्छा जाहिर की तो ट्विटर इंडिया के प्रमुख राहील खुर्शीद और वाईस प्रेसिडेंट ऋषि जेटली ने इस हेतु हर संभव सहयोग की घोषणा कर दी|

यूपी पुलिस
ट्विटर इंडिया प्रमुख राहील खुर्शीद एवं वाईस प्रेसिडेंट ऋषि जेटली के साथ यूपी पुलिस डीजीपी जावीद अहमद की बैठक 

मुलाकातों के सिलसिले के बाद ट्विटर सेवा को अमलीजामा पहचाने का काम शुरू हुआ और ट्विटर ने यूपी पुलिस को एक पूर्ण रूप से समर्पित सॉफ्टवेयर देने का निर्णय किया|

वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ ट्विटर इंडिया हेड राहील खुर्शीद
यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ ट्विटर वाईस प्रेसिडेंट ऋषि जेटली एवं इंडिया प्रमुख राहील खुर्शीद

यूपी पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने भी ट्विटर सेवा हेतु ख़ास रुचि दिखाई और ट्विटर सेवा को शुरू करने का अंतिम निर्णय लिया गया|

ट्विटर सेवा के उद्घाटन के अवसर पर
ट्विटर सेवा के उद्घाटन के अवसर पर

आख़िरकार ८ सितम्बर, २०१६ को उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया| डीजीपी जावीद अहमद, ट्विटर वाईस प्रेसिडेंट ऋषि जेटली, ट्विटर इंडिया प्रमुख राहील खुर्शीद, एडीजी कानून दलजीत सिंह चौधरी की उपस्थिति में ट्विटर सेवा का उद्घाटन किया गया|

अधिकारीयों को ट्विटर संचालन के प्रशिक्षण का एक दृश्य
अधिकारीयों को ट्विटर संचालन के प्रशिक्षण का एक दृश्य

ट्विटर के जानकारों द्वारा हर जिले के एसपी, डीआईजी और आईजी रैंक के अधिकारियों को ट्विटर सेवा के इस्तेमाल हेतु प्रशिक्षण दिया गया|

अधिकारीयों को ट्विटर संचालन के प्रशिक्षण का एक दृश्य
अधिकारीयों को ट्विटर संचालन के प्रशिक्षण का एक दृश्य

डीजीपी जावीद अहमद के इस महत्वाकांक्षी मुहीम को सभी अधिकारियों का भरपूर समर्थन भी मिला|

मुहीम का असर
मुहीम का असर

ट्विटर सेवा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही इस सेवा ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया| लोगों ने अपनी शिकायतों और सुझावों को सीधे डीजीपी कार्यालय पहुँचाना शुरू कर दिया| यूपी पुलिस डीजीपी कार्यालय से संचालित ट्विटर हैंडल पर शिकायत एवं सुझाव के निम्न फायदे है –

१ – कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी शिकायत को नहीं सुनता है तो आप यूपी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शिकायत कर सकते है| चंद मिनट के अन्दर ही डीजीपी कार्यालय से सम्बंधित जिले के एसपी को आदेश दिया जाएगा और आपके क्षेत्र का सम्बंधित पुलिस अधिकारी खुद आपके पास चल कर आएगा, आपकी शिकायत को संज्ञान में लेने और उसका हर संभव निस्तारण करने|

२- अगर किसी पुलिस स्टेशन पर आपकी एफआईआर नहीं लिखी जा रही है तो आप ट्विटर पर सूचना दे| एफआईआर दर्ज किया जाएगा एवं आपकी हर संभव मदद की जायेगी|

३- आप मौजूदा समय में दर्ज शिकायतों की जानकारी भी प्राप्त कर सकते है|

४- आप उत्तर प्रदेश पुलिस को कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने हेतु सुझाव भी दे सकते है|

तत्काल कार्यवाही
तत्काल कार्यवाही

ट्विटर सेवा के शुरू होने के कुछ ही समय बाद लोगों ने जहाँ शिकायतों को सीधे अधिकारियों तक पहुँचाना शुरू किया है वही यूपी पुलिस ने भी हर शिकायत के निस्तारण हेतु हर संभव सफल कोशिश की है|

तत्काल कार्यवाही
तत्काल कार्यवाही

सेवा के शुरू होने के बाद जहाँ हर अधिकारी की जवाबदेही तय हुई है वही स्थानीय पुलिस ने कई सराहनीय कार्य भी किये है, जिसे लोगों तक पहुँचाने का काम किया है यूपी पुलिस ने|

लेकिन इस सेवा के बाद जो महत्वपूर्ण सुझाव हमारे स्रोतों को प्राप्त हुए है, उन्हें हम यूपी पुलिस तक ज़रूर पहुँचाना चाहेंगे ताकि यूपी पुलिस इन सुझावों को संज्ञान में लेकर इस अभूतपूर्व सेवा को और बेहतर बना सके –

१- कुछ लोगों का कहना है कि डीजीपी ऑफिस से आदेश तो दे दिया जाता है परन्तु उन आदेश पर अमल करना स्थानीय पुलिस का काम है, जो कभी कुछ करता नहीं| इस शिकायत को संज्ञान में लेकर हमारा यूपी पुलिस को सुझाव है कि वह हर शिकायत की जवाबदेही अवश्य तय करें|

२- कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अगर यूपी पुलिस की सराहना करो तो यूपी पुलिस खुश होकर ट्वीट को रीट्वीट करती है परन्तु अगर कोई कड़वी बात कर दी जाय तो यूपी पुलिस हर ट्वीट को नज़रंदाज़ करना शुरू कर देती है| यह वाकई में यूपी पुलिस के इस मुहीम को सफल अमलीजामा पहनने में रोड़ा बन सकता है| अतः आलोचना को भी यूपी पुलिस को सहर्ष स्वीकार करना होगा|

नीचे यूपी पुलिस के ट्विटर अकाउंट का विवरण दिया गया है –

यूपी पुलिस ट्विटर खाता
यूपी पुलिस ट्विटर खाता
यूपी पुलिस ट्विटर खाता
यूपी पुलिस ट्विटर खाता
यूपी पुलिस ट्विटर खाता
यूपी पुलिस ट्विटर खाता

ठाकुर दीपक सिंह कवि

प्रधान संपादक

लिटरेचर इन इंडिया

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