akhilesh-yadav

भले ही आजकल समाजवाद का झंडा बुलंद किये उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी साफ़ छवि का ढिंढोरा पीट रहे हो पर उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ता कुछ न कुछ ऐसा कर जाते हैं जिससे उनके किये कराये पर पानी फिर जाता है| हाल में जिस नाटकीय घटनाक्रम से उत्तरप्रदेश का यादव परिवार गुज़र रहा है, अखिलेश यादव हर जगह अपनी साफ़ छवि की ब्रांडिंग कर रहे हैं| मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद सरीखे दागदार छवि वाले नेताओं पर सख्त रुख अपना कर अखिलेश यादव ने काफी हद तक अपनी इस छवि को सच साबित करने का प्रयास किया है|

modiabuse3modiabuse1

लेकिन इन सबके बीच समाजवादी पार्टी के एक छुटभैया कार्यकर्ता देश के प्रधानमंत्री पर अशोभनीय टिपण्णी कर बैठे| इस छुटभैया नेता ने बकायदा सशक्त सामाजिक माध्यम फेसबुक पर पोस्ट ही नहीं डाली बल्कि इसके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रवीण तोगड़िया की आपत्तिजनक तस्वीर भी साझा की| अगले ही दिन यह पोस्ट आग की तरह लोगों के बीच फ़ैल गयी| मीडिया में बात आने के बाद आनन-फानन में बलिया पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन कार्यवाही के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे| मामला उछला और एक प्रतिष्ठित अखबार की सुर्खियां बन बैठा| हमने आईजी वाराणसी एवं डीआईजी आज़मगढ़ को ट्विटर के माध्यम से इस प्रकरण से अवगत कराया| मामले की गंभीरता को भांपते हुए दोनों ही अधिकारियों के कार्यालय से जांच के आदेश तो दे दिए गए लेकिन बलिया पुलिस मामले को दबाने में लगी रही|

आईजी वाराणसी से हमने दुबारा संपर्क किया, फिर से जांच का आदेश आया| बलिया पुलिस से हमने जब संपर्क किया तो बातों को गोल-गोल घुमाते हुए हमे पहले नियम क़ानून का हवाला दिया जाने लगा| समाजवादी पार्टी के टैग से बलिया पुलिस इस कदर खौफ में थी कि कार्यवाही अथवा गिरफ़्तारी से साफ़ हाथ खड़े कर दिए| हमारे सवालों से बचने के लिए एसपी बलिया के कार्यालय से कार्यवाही का आश्वासन प्राप्त हुआ|modiabuse6

modiabuse2

एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई| इसी क्रम में एसपी बलिया का तबादला कर दिया गया| यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि आख़िर एसपी का तबादला क्यों हुआ? जब पत्रकारों ने आरोपी से उसका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया तो वह मामले से बिलकुल निडर होकर बोला कि पूरे होशो-हवास में किया है और आगे भी करता रहूँगा| पत्रकारों के इस सवाल पर कि क्या उसे कानून या पुलिस का डर नहीं है? जवाब मिला कि मुक़दमे तो बहुत देखे है, गिरफ़्तारी कोई नहीं कर सकता, बलिया पुलिस तो मेरे जेब में है|

ModiAbuse4.jpg

अब हमने पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में शिकायत की है और फिर से मामले की जांच हेतु उसी बलिया पुलिस को भेज दिया गया है|

जनता के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि कार्यवाही के नाम पर सेनापति जावीद साहब की यूपी पुलिस चूहे-बिल्ली का खेल खेलती है| घटना के घटित होने का इंतज़ार किया जाता है और जब घटना घट जाती है तो कार्यवाही स्वरुप यही जवाब मिलता है कि जांच चल रही है|

इस प्रकरण से तो यही स्पष्ट होता है कि समाजवादी का झंडा लेकर बलवा करो या बलात्कार, हत्या करो या चलाओ हथियार, पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करेगी क्योंकि….भैया हम है समाजवादी और अखिलेश बबुआ की उत्तर प्रदेश पुलिस मेरे जेब में रहती है|

Advertisements