उच्च न्यायालय यानि हमारा हाई कोर्ट, जहाँ सब न्याय की आस लेकर जाते है…उसी न्यायालय की भर्ती में घोटाला करवा दिया गया और किसी को कानों-कान ख़बर तक नहीं लगी!

जी हाँ! एसडीम भर्ती में हुए घोटाले के बाद भी, पैसे ने सर चढ़कर प्रतिभागियों एवं मेधावियों की उम्मीदों पर चुना लगाया और यह सब होता रहा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नाक़ के नीचे! सरकार में रहते हुए कार्यकाल के अंतिम समय में भी पूर्व मुख्यमंत्री जी और उनके अधिकारी ने अपने वोट बैंक की भूख में मेधावियों के भविष्य को रौंद डाला|

१: आरओ यानि की रिव्यु ऑफिसर की भर्ती का परिणाम घोषित होते ही अखिलेश सरकार के काले कारनामे से खुद-ब-खुद परत खुल गयी| आप साफ़ देख सकते हैं कि तीन सगे भाई, उनका रोल नंबर एक-दूसरे के बाद है और तीनों भाई चयनित कर लिए गये है| तीनों के पिता का नाम कैलाश नाथ यादव है और इनका अनुक्रमांक है: 121311135, 121311137, 121311138.

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२: फिर एक ऐसा ही कारनामा दो सगे भाइयों ने कर डाला है:

फैसल सिद्दकी पुत्र अंसार अहमद सिद्दकी (अनुक्रमांक: 121170402)

निज़ाम सिद्दकी पुत्र अंसार अहमद सिद्दकी (अनुक्रमांक: 121170403)

High Court RO dhaandhli

३: ये कारनामा यही नहीं रुका, इसी पंक्ति में श्याम लाल मिश्र जी के दोनों सगे बेटो सत्येन्द्र कुमार मिश्र (अनुक्रमांक: 121260500) एवं अदित्येंद्र कुमार मिश्र (अनुक्रमांक: 121260501) जी ने भी इस कड़ी में अपना सुनहरा नाम जुड़वा लिया है|

High Court RO Dhaandhli

इसी तरह कई ऐसे नाम है जो इस धांधली पर अपनी मुहर लगा रहे है और पुख्ता सबूत है!

UP High Court Review Officer ScamIMG_0969

Scam High Court

Scam High Court

Scam High Court

Scam High Court

अगर आपको विश्वास न हो तो पूरा परिणाम इस लिंक पर देख सकते हैं: RO_Stage1_Result_22-2-2017

ज्ञात हो यह परीक्षा हाई कोर्ट द्वारा सम्पन्न करायी जाती है अतः इस धाँधली को जज, रजिस्ट्रार, सरकारी अधिकारियों, सरकारी प्रतिनिधियों के साथ-साथ बिचौलियों की मिलीभगत के बिना सम्भव कर पाना नामुमकिन है। 

ख़बरों की माने तो इस परीक्षा का पेपर लीक हुआ था और दस नक़लची पकड़े भी गये थे लेकिन उसके बाद भी इस भर्ती को रद्द करके दुबारा नहीं कराया गया। इसके विरोध में जब प्रतिभागी नैनी  पुल, इलाहाबाद के पास धरना देने गये तो जज साहब ने पुलिस भिजवाकर धरना न ख़त्म करने पर एफआईआर दर्ज करवा क़ानूनी कार्यवाही की धमकी दे डाली।

अब देखना ये है कि योगी आदित्यनाथ की मौजूदा सरकार इस धांधली एवं घोटाले पर क्या कार्यवाही करती है और मूकदर्शक बनी उत्तर प्रदेश पुलिस क्या एक्शन लेती है| सम्बंधित अधिकारियों और इस खेल के मास्टरमाइंड पर शिकंजा कस कर, क्या योगी सरकार प्रतिभागियों को न्याय दिला पायेगी? यह देखना दिलचस्प होगा|

यह उन सभी प्रतिभागियों के साथ धोखा है जो ग़रीबी से लड़कर, अपना सब कुछ दाँव पर लगाकर इस परीक्षा और ऐसे ही अन्य परीक्षाओं की तैयरियाँ कर रहे हैं। 

अगर आपके पास इस ख़बर से सम्बंधित और अधिक जानकारी या सुझाव है तो कृपया हमें अवश्य भेजे । हमारा पता: 

news@literatureinindia.com

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