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नयी दिल्ली: पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने मंगलवार (2 मई) को कहा कि दो भारतीय सैनिकों के सिर काटे जाने के मामले में पाकिस्तान के खिलाफ सेना को खुले हाथ से समुचित कार्रवाई करने की अनुमति दी जानी चाहिए. पाकिस्तान से लगने वाली नियंत्रण रेखा की सुरक्षा के बारे में सवाल उठाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस घटना ने भारतीय सेना की प्रतिष्ठा, सम्मान एवं मनोबल को प्रभावित किया है.

उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते किन्तु उनके आठ वर्ष तक रक्षा मंत्री रहने के दौरान शव को क्षत विक्षत करने की महज एक घटना हुई किन्तु पिछले तीन साल में ऐसी तीन घटनाएं हुई. जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तानी सेना का एक दल नियंत्रण रेखा को पारकर भारतीय क्षेत्र में 250 मीटर तक भीतर घुस आया और उसने सेना के जूनियर कमीशंड आफिसर नायब सूबेदार परमजीत सिंह एवं बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर की हत्या कर उनका शव क्षत विक्षत कर दिया.

एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना की क्रूरता के बारे में मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं. लिहाजा सरकार को सेना को खुला हाथ से कार्रवाई की अनुमति देना चाहिए ताकि वे अपनी तरह से निबट सकें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर में लगातार हमलों से सीमा पर सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान लग गया है. मेरा मानना है कि इससे भारतीय सेना की प्रतिष्ठा, सम्मान एवं मनोबल प्रभावित हुआ है.’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सरकार से मेरा एकमात्र अनुरोध है कि उचित समय पर उचित कार्रवाई करने के लिए सेना को स्वतंत्रता दी जाए. मेरा संदेश है कि सेना को स्वतंत्रता दी जाए कि वह पाकिस्तान के अमानुषिक, बर्बर कृत्य के प्रतिक्रिया स्वरूप समुचित कर सके.’’

एजेंसी

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