आमतौर पर यह देखा जाता है कि मंत्री के काफ़िले को लेकर अफ़सरों की भौंहे तनी रहती है तो फिर सोचिये एक राष्ट्रपति का काफ़िला अगर किसी पुलिस कर्मी ने रोक दिया तो कितने साहस की बात है| लेकिन इसके पीछे की वजह जान कर आप भी इस पुलिस अफ़सर को शाबाशी देंगे|

दरअसल मेट्रो के ग्रीन लाइन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बेंगलुरु में मौजूद थे| उनका काफ़िला बेंगलुरु के ट्रिनिटी सर्किल के रास्ते जाने वाला था. चौकसी के लिए सब इंस्पेक्टर एम एल निजलिंगप्पा को तैनात किया गया था|

राष्ट्रपति का काफ़िला जैसे ही ट्रिनिटी पहुंचा निजलिंगप्पा की नज़र जाम में फंसे एक एम्बुलेंस पर पड़ी| फिर क्या था…उन्होंने राष्ट्रपति का काफ़िला रुकवा दिया और एम्बुलेंस को उस जाम से निकलवाया| भले ही महामहिम को इसकी जानकारी न हो लेकिन निजलिंगप्पा की इस सूझ-बूझ की हर जगह प्रशंसा हो रही है|

डीसीपी ट्रैफिक ने उन्हें इस सूझ-बुझ एवं मानवीय कार्य हेतु सम्मानित किये जाने की घोषणा की है| आईपीएस एसोसिएशन ने भी ट्विटर के माध्यम से उनकी प्रशंसा की है|

लिटरेचर इन इंडिया समूह ऐसे पुलिस अधिकारियों को सलाम करता है|

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