Image result for love pic

हल्की सी शर्म, हल्की सी नज़ाकत हो

एक अजब सा एहसास, एक गज़ब सी चाहत हो

थोड़ी सी नरमी, थोड़ी सी गर्माहट हो

हो एक ऐसा चेहरा, जिसमें खो जाने की राहत हो

ज़रा सी बेचैनी, ज़रा सी घबराहट हो

न कोई साज़िश, न कोई बनावट हो

ज़रा सी हंसी, ज़रा सी मुस्कराहट हो

हो एक ऐसा चेहरा, जिसमें छा जाने की ताक़त हो

हो वो नज़र जिसमें, झुक जाने की आदत हो

हो वो दो होंठ, जिसमें सरसराहट हो

हो वो दो दिल, जिसमें धड़कने की ख्वाहिश हो

हो एक ऐसा चेहरा, जिसमे बस जाने की चाहत हो

शिल्पी सेंगर

(यह कविता लिटरेचर इन इंडिया के नव रचनाकार प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रकाशित की गयी है)

Advertisements