lal krishna advani celebrate birthday in very simple way at varanasi

amarujala.com- Written by: गुंजन श्रीवास्तव

एक वो भी दौर था जब भाजपा के पितामह लाल कृष्ण आडवाणी जिधर चलते थे उधर आंधी चलती थी। जय-जयकार होती थी और उन्हीं की गूंज भी। तब नारा दिया जाता था- ‘गूंज रही है नभ में वाणी-आडवाणी आडवाणी…।’

वही आडवाणी शनिवार की शाम काशी में अपने 90वें जन्मदिन पर बहुत तन्हा और अकेले से थे। न पार्टी के दिग्गजों का आसपास जमावड़ा था, न कार्यकर्ताओं में मिलने की होड़।

बहुत ही सादगी के साथ आडवाणी ने भोले की नगरी में अपना 90 वां जन्मदिन देव दीपावली के अवसर पर खिड़किया घाट पर मनाया। इस खास मौके पर बस वो थे और उनकी बेटी प्रतिभा। बाकी पार्टी के गिनती के पदाधिकारी, एक मंत्री और चंद लोग।

कभी उनकी एक झलक पाने और नजर-ए-इनायत के लिए कार्यकर्ता और पदाधिकारी और बड़े-बडे़ नेता धक्के खाते थे। पार्टी में न वो तैयारी दिखी न वो ललक जो कभी राममंदिर आंदोलन के समय हुआ करती थी।

कई नेता तो साथ में फोटो खिंचवाने से भी कतराते दिखे

लाल कृष्ण आडवाणी ने बेटी प्रतिभा के साथ खिड़किया घाट पर 90 दीये जलाएPC: अमर उजाला

जन्मदिन के मौके पर देव दीपावली के समय आडवाणी पीएम के संसदीय क्षेत्र में रहे लेकिन उन्हें किसी बड़े आयोजन में मुख्य अतिथि तक नहीं बनाया गया। और तो और प्रदेश अध्यक्ष भी यहीं पड़ोस के ही हैं। सरकार में दो-दो मंत्री जिले से हैं। बावजूद इसके बस रस्म अदायगी भर दिखी।

पार्टी की ओर से भी आडवाणी के जन्मदिन पर कोई आयोजन नहीं कराया गया। यही नहीं, संगठन और सरकार के मंत्री ने भी आडवाणी के साथ केवल प्रोटोकाल निभाया। न वो आत्मीयता दिखी और न ही वह प्रेम जो कभी चरम पर हुआ करता था।

कई नेता तो उनके साथ फोटो खिंचवाने से भी परहेज करते दिखे। काशी में आठों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यही नहीं मेयर पद के दावेदार भी आडवाणी के पास आशीर्वाद लेने नहीं पहुंचे। 

निकाय चुनाव की चर्चा से रहे दूर

आडवाणी ने अपना 90वां जन्मदिन काशी में मनाया PC: अमर उजाला

आठ नवंबर 1927 को जन्मे आडवाणी ने हिंदी माह के अनुसार अपना जन्मदिन मनाया। बाबतपुर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

शाम को खिड़किया घाट पर जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और प्रदेश के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी के साथ उन्होंने दीपदान किया। यहां से संत मोरारी बापू के लिए बना गए बजड़े कैलाश पर सवार होकर अस्सी तक दीपों से जगमगाते घाटों की आभा देखी।

क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि निकाय चुनाव पर उनसे किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई। आडवाणी रविवार की सुबह बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेकेंगे और शाम तक वापस दिल्ली लौट जाएंगे।

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