ट्विटर लाइव पर संवाद के दौरान उत्तरप्रदेश के डीजीपी सुलखान सिंह ने जनता के सवालों से सीधे रूबरू होकर त्वरित जवाब दिया| बता दें कि ३० नवम्बर को पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार उत्तरप्रदेश के डीजीपी शाम ५:३० से ६:३० बजे तक ट्विटर के माध्यम से जनता से सीधा संवाद स्थापित करने वाले थे| निर्धारित समय पर लोगों ने सवाल पूछना शुरू किया तो सवालों की बौछार हो उठी|

 

लोगों से मिल रहे अच्छे रेस्पोंस को देखते हुए संवाद के समय को १५ मिनट बढ़ा दिया गया, फिर भी डीजीपी साहब समय की कमी के कारण सभी सवालों का जवाब नहीं दे सके| हालाँकि बाद में डीजीपी के पीआरओ राहुल श्रीवास्तव ने ट्वीट करके जानकारी दी कि समय के आभाव के चलते डीजीपी सर सभी लोगों का जवाब नहीं दे पाएं लेकिन हम #AskDGPUP हैशटैग से प्राप्त सभी ट्वीट को संज्ञान में लेकर कार्यवाही कर रहे हैं|

 

अधिकतर ट्वीट पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार और ट्रैफिक की समस्याओं से सम्बंधित थे| इसपर डीजीपी ने सम्बंधित जिलों के एसपी/एसएसपी को तुरंत कार्यवाही अथवा जांच हेतु निर्देश ज़ारी किये| भ्रष्टाचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत अधिकारियों से करें| उन्होंने यह भी कहा कि जिलों अथवा यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल पर प्राप्त सभी शिकायतों को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्यवाही की जाती है, कुछ जिलों के ट्विटर हैंडल ज्यादा सक्रीय नहीं है जिसके लिए हम लगातार सुधार कर रहे हैं|

पत्रकार रोहित सिंह द्वारा सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बनाये जाने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि इसमें कोई न्यायिक दांव-पेंच नहीं हैं, जल्द ही २००० सब-इंस्पेक्टर को पदोन्नति देकर इंस्पेक्टर बनाया जायेगा|

 

2000 Sub Inspectors will be promoted to Inspector soon - DGP

 

अवैध कब्ज़े से जुड़े सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि अवैध ज़मीन के मामले थाना पुलिस के अधिकार में नहीं आते हैं। यह मामले तहसील के अधिकारियों द्वारा देखे जाते हैं|

 

आम नागरिकों की शिकायत न सुने जाने के ट्वीट पर उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधीक्षक को रोज़ नागरिकों की शिक़ायत सुनने के लिए कहा गया है अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी प्रतिदिन शिक़ायतें सुनते हैं| सभी जनपदों में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में FIR काउन्टर खोले गए है जहां जाकर आप अपनी FIR दर्ज करा सकते है|

 

जब पुलिस ही नियम का पालन नही करेंगी तो आम जनता कैसे करें इसकी इच्छा कैसे की जा सकती है? जब यह सवाल डीजीपी से पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसे मामलों में लगातार कार्यवाही कर रही है और आगे भी करती रहेगी|

 

पुलिसकर्मियों द्वारा घूस मांगे जाने की शिकायत पर उन्होंने ज़वाब दिया कि आप को पूरी सूचना दे, कार्यवाही अवश्य की जाएगी; रिश्वत बिल्कुल ना दें और तत्काल शिक़ायत करें|

 

जीरो एफ़आईआर लागू किये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि महिलाओं से सम्बंधित गंभीर अपराधों की एफआईआर किसी भी थानें में लिखवाई जा सकती है, इस सम्बन्ध में आदेश ज़ारी कर दिए गयें हैं|

 

डीजीपी सुलखान सिंह DGP Sulkhan Singh

 

कई मुद्दों पर डीजीपी ने बड़ी ही बेबाकी से ज़वाब दिया और लोगों द्वारा प्राप्त अच्छे रेस्पोंस एवं अनुरोध पर इस तरह के संवाद को आगे भी ज़ारी रखने की ईच्छा ज़ाहिर की|

 

अंत में उन्होंने लिखा कि  में कई अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए धन्यवाद। समय की पाबंदी नहीं होती तो कई और सवालों को सम्बोधित किया जा सकता था , लेकिन अब यह सिलसिला जारी रहेगा और आपसे जल्द मुलाक़ात होगी ।आपकी समस्याएँ और सुझाव और के अलावा district handles पर भी भेजते रहें

 

हालाँकि कई अहम् सवालों के जवाब डीजीपी के माध्यम से प्राप्त नहीं हो सके|

 

इनमें से प्रमुख सवाल पत्रकार गौरव सिंह सेंगर ने उठाया| उन्होंने आठ महीने से अधिक समय से बर्खास्त आईपीएस हिमांशु कुमार सिंह पर कोई भी जांच लंबित न होने के बाद भी सेवा प्रारंभ समन्धित आदेश न ज़ारी करने के कारण के बारे में पूछा लेकिन डीजीपी द्वारा कोई जवाब प्राप्त नहीं हो सका|

 

IPS Himanshu Kumar Singh

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