“… चाय तैयार है, आओ पिएँ…”

एक प्रश्न हजार उत्तर—
“मैंने सूरज से पूछा—धरती कब आग का गोला बन जाएगी ? मुझसे सूरज ने पूछा—तुम बरफ-घर में सोये कब तक ?”

अँधेरे में, (गर्म दूध पीती हुई) बिल्ली का चेहरा नहीं देख पाता हूँ, सिर्फ आँखें। हर रात इसी वक्त बिजली कट जाती है।
~ राजकमल चौधरी

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