चित्रकूट: पूर्व जिला पंचायत सदस्य के दामाद को गोली मारने के मामले में नामजद आरोपियों को बचाने के प्रयास में पुलिस बेकसूरों को घर से उठा लाई और पुलिस चौकी में नग्न कर मारा पीटा।

आरोप है कि जबरन जुर्म कबूल करने का दबाव पुलिस बना रही है। इस बाबत का एक वीडियो क्लिप परिजनों ने एसपी को दिखाकर न्याय की गुहार लगाई है।

शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के इटखरी निवासी सभाजीत पांडेय व विधवा कृष्णा त्रिपाठी सोमवार को आधा दर्जन ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय में बताया कि गांव में आठ फरवरी को जिला पंचायत सदस्य प्रहलाद यादव के दामाद सुरेश यादव को पुरानी रंजिश में ग्रामीणों ने गोली मार घायल कर दिया था। मामले में पुलिस ने गांव के राजू, साहिल, शिवशंकर व रज्जू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

 

एसपी को दिए पत्र में दोनों ने शिवरामपुर चौकी प्रभारी पर आरोप लगाया कि 24 मार्च को उनके पुत्र विजयकांत और रामप्रकाश पांडेय को जबरन ले गए। 

24 घंटे बाद भी जब दोनों घर नहीं पहुंचे तो चौकी में पूछताछ की तो बताया गया कि पुराने मामले में पूछताछ की जा रही है।

परिजनों ने एक वीडियो क्लिप दिखाते हुए आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके लड़कों को नंगा कर मारा पीटा है।

जिससे उनके चोट भी आई है। पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई कराने और लड़काें को छोड़ने की मांग की है। उधर, चौकी प्रभारी प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि किसे कहां से लाया गया है, यह जांच का विषय है।

एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। शहर कोतवाल से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है|

शिवरामपुर चौकी प्रभारी के उत्पीड़न की शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे युवक फूट-फूट कर रो पड़े। युवकों ने चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिस कर्मियों पर घर से उठा ले जाकर जबरन गवाही बदलने के लिए शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

फिलहाल पूरा पुलिस महकमा आरोपों पर चुप्पी साधे हैं।

शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के इटखरी निवासी विजय कांत त्रिपाठी और राम प्रकाश पांडेय ने बताया कि चौकी प्रभारी उन्हें घर से जबरन पकड़कर ले गया और 8 फरवरी को गांव में जिला पंचायत सदस्य प्रहलाद यादव के दामाद सुरेश को गोली लगने के मामले में गवाही बदलने पर जोर दिया।

नामजद चार आरोपियों से रुपये लेने का आरोप लगाकर कहा कि चौकी प्रभारी ने कहा कि सुरेश को ही दोषी बताओे और किसी लड़की से संबंध की बात लिखकर दो तभी छोड़ेंगे। मना करने पर दोनों को चौकी में बने एक कमरे में पीटा गया।

अश्लीलता करने की धमकी दी गई। उनके शरीर में कई स्थानों पर चोट भी आई है। पीड़ितों ने चौकी में पुलिसिया उत्पीड़न की शिकायत पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा से बयां की।

 

Innocent beaten by UP Police after taking bribe from accused for 5 days in Chitrakoot district of Uttar Pradesh.
लिखित शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे पीड़ित| घंटो इंतजार के बाद भी नहीं ली गयी लिखित शिकायत|

 

इस मामले में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उधर सीओ विजयेंद्र द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में क्या प्रगति है इसकी जानकारी अभी नहीं है। पता कर बताएंगे।

मामला डीजीपी मुख्यालय तक पहुँचने के बाद भी पूरा महकमा चौकी प्रभारी को बचाने में जुट गया है| यहाँ तक कि जिसे गोली मारी गयी उसने मीडियाकर्मियों के माध्यम से लिखित शिकायत की कि चौकी प्रभारी बेकसूरों को पांच दिन से पीट रहे हैं| लेकिन मुख्यालय ने सम्बंधित थाना प्रभारी पर कोई कार्यवाही नहीं की| 

एसपी कार्यालय से संपर्क करने पर बताया गया कि पीड़ित ने कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी है जबकि लिखित शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ितों की शिकायत दर्ज ही नहीं की गयी|