विस्मय प्रकट करने वाले शब्द को विस्मायादिबोधक कहते हैं।

उदाहरण –

अरे! मैं तो भूल ही गया था कि आज मेरा जन्म दिन है। यहाँ “अरे” शब्द से विस्मय का बोध होता है अतः यह विस्मयादिबोधक है।[3]

पुरुष

एकवचन बहुवचन
उत्तम पुरुष मैं हम
मध्यम पुरुष तुम तुम लोग / तुम सब
अन्य पुरुष यह ये
वह वे / वे लोग
आप आप लोग / आप सब

हिन्दी में तीन पुरुष होते हैं-

  • उत्तम पुरुष- मैं, हम
  • मध्यम पुरुष – तुम, आप
  • अन्य पुरुष- वह, राम आदि

उत्तम पुरुष में मैं और हम शब्द का प्रयोग होता है, जिसमें हम का प्रयोग एकवचन और बहुवचन दोनों के रूप में होता है। इस प्रकार हम उत्तम पुरुष एकवचन भी है और बहुवचन भी है।

मिसाल के तौर पर यदि ऐसा कहा जाए कि “हम सब भारतवासी हैं”, तो यहाँ हम बहुवचन है और अगर ऐसा लिखा जाए कि “हम विद्युत के कार्य में निपुण हैं”, तो यहाँ हम एकवचन के रूप में भी है और बहुवचन के रूप में भी है। हमको सिर्फ़ तुमसे प्यार है – इस वाक्य में देखें तो, “हम” एकवचन के रूप में प्रयुक्त हुआ है।

वक्ता अपने आपको मान देने के लिए भी एकवचन के रूप में हम का प्रयोग करते हैं। लेखक भी कई बार अपने बारे में कहने के लिए हम शब्द का प्रयोग एकवचन के रूप में अपने लेख में करते हैं। इस प्रकार हम एक एकवचन के रूप में मानवाचक सर्वनाम भी है।