संधि (सम् + धि) शब्द का अर्थ है ‘मेल’। दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है वह संधि कहलाता है।

जैसे – सम् + तोष = संतोष ; देव + इंद्र = देवेंद्र ; भानु + उदय = भानूदय।

संधि के भेद

संधि तीन प्रकार की होती हैं –

  1. स्वर संधि
  2. व्यंजन संधि
  3. विसर्ग संधि