शब्दशक्ति के प्रकार

हिन्दी व्याकरण में शब्दशक्ति तीन प्रकार की होती है: अभिधा वे वाक्य जिनका साधारण शाब्दिक अर्थ और भावार्थ समान हो तो उसे अभिधा शब्द शक्ति कहते हैं। इसमें सभी पाठकों अथवा वाचकों अथवा श्रोताओं के लिए वाक्य अथवा वाक्यांश का अर्थ समान होता है। इसमें उत्पन्न भाव को वाच्यार्थ कहा जाता है। उदाहरणहिन्दी एक भाषा … पढ़ना जारी रखें शब्दशक्ति के प्रकार

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हिंदी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य

Hindi dialects - literature in india dot com

हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं, जिनमें अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी, मालवी, झारखंडी, कुमाउँनी, मगही आदि प्रमुख हैं। इनमें से कुछ में अत्यंत उच्च श्रेणी के साहित्य की रचना हुई है। ऐसी बोलियों में ब्रजभाषा और अवधी प्रमुख हैं। यह बोलियाँ हिन्दी की विविधता हैं और उसकी शक्ति भी। वे हिन्दी की जड़ों को गहरा बनाती हैं। हिन्दी की बोलियाँ और उन बोलियों की उपबोलियाँ हैं जो न केवल अपने में एक बड़ी परंपरा, इतिहास, सभ्यता को … पढ़ना जारी रखें हिंदी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य

शब्दप्रमाण क्या है?

आप्त पुरुष द्वारा किए गए उपदेश को "शब्द" प्रमाण मानते हैं। (आप्तोपदेश: शब्द:; न्यायसूत्र 1.1.7)। आप्त वह पुरुष है जिसने धर्म के और सब पदार्थों के यथार्थ स्वरूप को भली भांति जान लिया है, जो सब जीवों पर दया करता है और सच्ची बात कहने की इच्छा रखता है। न्यायमत में वेद ईश्वर द्वारा प्रणीत … पढ़ना जारी रखें शब्दप्रमाण क्या है?

शब्दार्थ ग्रहण

बच्चा समाज में सामाजिक व्यवहार में आ रहे शब्दों के अर्थ कैसे ग्रहण करता है, इसका अध्ययन भारतीय भाषा चिन्तन में गहराई से हुआ है और अर्थग्रहण की प्रक्रिया को शक्ति के नाम से कहा गया है। शक्तिग्रहं व्याकरणोपमानकोशाप्तवाक्याद् व्यवहारतश्च।वाक्यस्य शेषाद् विवृत्तेर्वदन्ति सान्निध्यतः सिद्धपदस्य वृद्धाः॥ -- (न्यायसिद्धांतमुक्तावली-शब्दखंड) इस कारिका में अर्थग्रहण के आठ साधन माने … पढ़ना जारी रखें शब्दार्थ ग्रहण

अर्थ की दृष्टि से शब्द-भेद

अर्थ की दृष्टि से शब्द के दो भेद हैं- 1. सार्थक 2. निरर्थक 1. सार्थक शब्द : जिन शब्दों का कुछ-न-कुछ अर्थ हो वे शब्द सार्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे-रोटी, पानी, ममता, डंडा आदि। 2. निरर्थक शब्द : जिन शब्दों का कोई अर्थ नहीं होता है वे शब्द निरर्थक कहलाते हैं। जैसे-रोटी-वोटी, पानी-वानी, डंडा-वंडा इनमें … पढ़ना जारी रखें अर्थ की दृष्टि से शब्द-भेद

प्रयोग के आधार पर शब्द-भेद

प्रयोग के आधार पर शब्द के निम्नलिखित दो भेद होते है- 1.विकारी शब्द 2.अविकारी शब्द 1-विकारी शब्द के चार भेद होते है 1. संज्ञा 2. सर्वनाम 3. विशेषण 4. क्रिया अविकारी शब्द के चार भेद होते है 1. क्रिया-विशेषण 2. संबंधबोधक 3. समुच्चयबोधक 4. विस्मयादिबोधक इन उपर्युक्त आठ प्रकार के शब्दों को भी विकार की … पढ़ना जारी रखें प्रयोग के आधार पर शब्द-भेद

उत्पत्ति के आधार पर शब्द-भेद

उत्पत्ति के आधार पर शब्द के निम्नलिखित चार भेद हैं- तत्सम जो शब्द संस्कृत भाषा से हिन्दी में बिना किसी परिवर्तन के ले लिए गए हैं वे तत्सम कहलाते हैं। जैसे-अग्नि, क्षेत्र, वायु, ऊपर, रात्रि, सूर्य आदि। तद्भव जो शब्द रूप बदलने के बाद संस्कृत से हिन्दी में आए हैं वे तद्भव कहलाते हैं। जैसे-आग … पढ़ना जारी रखें उत्पत्ति के आधार पर शब्द-भेद