आज़मगढ़ में हर पार्टी के नेताओं पर चला प्रशासन का चाबुक

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नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने अपनी ताकत का एहसास कराते हुए गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकालकर नामांकन किया। प्रत्याशियों के जुलूस के चलते नगर क्षेत्र में लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। अंतिम दिन नामांकन की स्थिति पर गौर करें तो अध्यक्ष पद के लिए 49 और सदस्य पद के लिए कुल 159 नामांकन दाखिल हुए।

विगत आठ दिनों से चल रहे नामांकन का कार्य सकुशल संपन्न हो गया। नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशियों द्वारा जमकर नामांकन किया गया। हालांकि कंट्रोल रूम द्वारा अब तक हुए नामांकन का पूरा ब्यौरा तो नहीं दिया जा सका लेकिन अंतिम दिन कुल 208 नामांकन दाखिल हुए हुए। जिसमें अध्यक्ष पद पर 49 और सदस्य पद पर 159 नामांकन दाखिल हुए। आजमगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए अंतिम दिन 11 और मुबारकपुर नगरपालिका के लिए तीन नामांकन दाखिल हुए।

वहीं नगर पंचायतों की स्थिति देखें तो मेंहनगर में तीन, फूलपुर में चार, माहुल में छह, अजमतगढ़ में एक, जीयनपुर में पांच, महराजगंज में एक, बिलरियागंज में तीन, लालगंज में दो, अतरौलिया में तीन, निजामाबाद में तीन और सरायमीर में तीन नामांकन दाखिल हुए।

नगरपालिका और नंगर पंचायतों के वार्ड सदस्य पदों के लिए अंतिम दिन हुए नामांकन की स्थिति देखें तो आजमगढ़ नपा के लिए 53, मुबारकपुर नपा के लिए 23, नगर पंचायत बिलरियागंज के लिए दो, महराजगंज में एक, अजमतगढ़ में 12, जीयनपुर में 17, फूलपुर में 13, माहुल में सात, निजामाबाद में पांच, सरायमीर में 12, अतरौलिया में दो, कटघर लालगंज में आठ और मेंहनगर में चार नामांकन दाखिल हुए।

नगर पालिका आजमगढ़ में अध्यक्ष पद के लिए अंतिम दिन अभिषेक जायसवाल दीनू, सपा से पद्माकर लाल वर्मा उर्फ घुट्टूर सेठ, बसपा से सुधीर सिंह उर्फ पपलू सिंह, अजय कुमार गौतम, भाजपा से अजय सिंह, कांग्रेस से रमेश चंद्र शर्मा, कुंवर परीक्षित सिंह, सुजीत भूषण, आफताब, शीला श्रीवास्तव और मुहम्मद अफजल ने नामांकन किया। मुबारकपुर नपा से अध्यक्ष पद के लिए सपा की करीमुन्निशा, भाजपा से पूनम और कांग्रेस से शाहिना ने नामांकन दाखिल किया।

वहीं नगरपंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए मेंहनगर से रणजीत सिंह, भाजपा से रणवीर सिंह और अतुल सिंह, फूलपुर नगरपंचायत से सुरेश मौर्य, गुलइची देवी, रजनीश प्रजापति और मोती लाल सेठ, माहुल नगर पंचायत से ओमप्रकाश, सूबेदार, हरिश्चंद्र, भाजपा से सत्यभामा यादव, बसपा से शौकत अली और कांग्रेस से अबूशाद, अजमतगढृ नगर पंचायत से राधेश्याम कन्नौजिया, जीयनपुर नगर पंचायत से नंदलाल यादव, आनंद प्रकाश तिवारी, कांग्रेस से शरद चंद्र मिश्रा, मुन्ना, और भाजपा से तारा चंद्र जायसवाल, महराजगंज नगर पंचायत से कांग्रेस से अमरनाथ विश्वकर्मा, बिलरियागंज से कांग्रेस के शमीम, सपा के आरिफ और माज, लालगंज नगर पंचायत से बसपा के गुलाब कन्नौजिया और उमाशंकर, अतरौलिया नगर पंचायत से बसपा के रामचंद्र जायसवाल, कांग्रेस के राधे निषाद और विजय, निजामाबाद से भाजपा से साधना, प्रेमा और कुसुम, सरायमीर नगर पंचायत से भाजपा की प्रभा, कांग्रेस की कमर आएशा और दिलबरी ने नामांकन किया।

व्हील चेयर पर बैठ नामांकन करने पहुंची शीला

जहां सारे प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ हाथ जोड़े हुए नामांकन करने पहुंच रहे थे। वहीं पूर्व पालिकाध्यक्ष और बसपा की बागी शीला श्रीवास्तव पैर में प्लास्टर लगाए व्हील चेयर पर बैठकर नामांकन करने के लिए पहुंची। सबके बीच उनका इस तरह से नामांकन करने पहुुंचना चर्चा का केंद्र बना हुआ था।

अहरौला (आजमगढ़) :

स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान सोमवार को नामांकन की अंतिम तिथि के दिन आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में स्थानीय थाने की पुलिस ने पूर्व विधायक सहित सौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नवगठित माहुल नगर पंचायत में निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को सपा प्रत्याशी देवीप्रसाद यादव का नामांकन जुलूस निकला था। जुलूस का नेतृत्व फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्यामबहादुर यादव कर रहे थे। बगैर अनुमति के जुलूस निकालने पर अहरौला थाने में लोक प्रतिनिधित्व एक्ट के अंतर्गत पूर्व विधायक श्यामबहादुर यादव एवं सपा प्रत्याशी देवीप्रसाद यादव सहित सौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

नगर पालिका परिषद आजमगढ़:

नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट में नामांकन प्रक्रिया का अंतिम दिन था। जिले में धारा 144 लागू होने के बाद भी गाजे-बाजे के साथ कई वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला गया। इसे पुलिस प्रशासन ने संज्ञान में लिया और भाजपा, सपा व दो निर्दल प्रत्याशी सहित लगभग 800 समर्थकों के खिलाफ देर शाम शहर कोतवाली में आचार संहिता के उल्लंघन में रिपोर्ट दर्ज की गई।

शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर ¨सह ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा उम्मीदवार अजय ¨सह, सपा उम्मीदवार पद्माकर लाल वर्मा उर्फ घुट्टुर सेठ, निर्दल उम्मीदवार अभिषेक जायसवाल दीनू व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शीला श्रीवास्तव द्वारा बिना अनुमति कई वाहनों के साथ जुलूस निकाला गया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई।

दीदारगंज:

दीदारगंज थाने की पुलिस ने रविवार को दिन में सड़क हादसे में मृत दंपती के शव को सड़क पर रखकर क्षेत्रीय विधायक के नेतृत्व में जाम लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इस मामले में दीदारगंज क्षेत्र के विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर सहित 11 नामजद व 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है।

अहरौला थाना क्षेत्र के कालीमठ के समीप शनिवार की शाम ट्रक की चपेट में आ जाने से बाइक सवार दंपती की मौत हो गई। हादसे के वक्त मृतक रमेश राजभर अपनी पत्नी पुष्पा के साथ अहरौला क्षेत्र स्थित ससुराल से वापस अपने गांव सिसवारा थाना क्षेत्र दीदारगंज लौट रहा था। रविवार की सुबह मृत दंपती के परिजनों को सरकारी मदद की मांग को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर के नेतृत्व में सिसवारा मोड़ के पास बरदह-अंबारी मार्ग अवरुद्ध कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम मार्टीनगंज व सीओ फूलपुर के समझाने-बुझाने पर दोपहर करीब 12 बजे जाम समाप्त हुआ। इसके बाद दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। इस मामले में थानाध्यक्ष दीदारगंज दीनानाथ पांडेय की तहरीर पर स्थानीय थाने में क्षेत्रीय विधायक सहित 11 नामजद व 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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आखिर कहां गुम हो गई भाजपा के पितामह लाल कृष्ण आडवाणी की वो गूंज

lal krishna advani celebrate birthday in very simple way at varanasi

amarujala.com- Written by: गुंजन श्रीवास्तव

एक वो भी दौर था जब भाजपा के पितामह लाल कृष्ण आडवाणी जिधर चलते थे उधर आंधी चलती थी। जय-जयकार होती थी और उन्हीं की गूंज भी। तब नारा दिया जाता था- ‘गूंज रही है नभ में वाणी-आडवाणी आडवाणी…।’

वही आडवाणी शनिवार की शाम काशी में अपने 90वें जन्मदिन पर बहुत तन्हा और अकेले से थे। न पार्टी के दिग्गजों का आसपास जमावड़ा था, न कार्यकर्ताओं में मिलने की होड़।

बहुत ही सादगी के साथ आडवाणी ने भोले की नगरी में अपना 90 वां जन्मदिन देव दीपावली के अवसर पर खिड़किया घाट पर मनाया। इस खास मौके पर बस वो थे और उनकी बेटी प्रतिभा। बाकी पार्टी के गिनती के पदाधिकारी, एक मंत्री और चंद लोग।

कभी उनकी एक झलक पाने और नजर-ए-इनायत के लिए कार्यकर्ता और पदाधिकारी और बड़े-बडे़ नेता धक्के खाते थे। पार्टी में न वो तैयारी दिखी न वो ललक जो कभी राममंदिर आंदोलन के समय हुआ करती थी।

कई नेता तो साथ में फोटो खिंचवाने से भी कतराते दिखे

लाल कृष्ण आडवाणी ने बेटी प्रतिभा के साथ खिड़किया घाट पर 90 दीये जलाएPC: अमर उजाला

जन्मदिन के मौके पर देव दीपावली के समय आडवाणी पीएम के संसदीय क्षेत्र में रहे लेकिन उन्हें किसी बड़े आयोजन में मुख्य अतिथि तक नहीं बनाया गया। और तो और प्रदेश अध्यक्ष भी यहीं पड़ोस के ही हैं। सरकार में दो-दो मंत्री जिले से हैं। बावजूद इसके बस रस्म अदायगी भर दिखी।

पार्टी की ओर से भी आडवाणी के जन्मदिन पर कोई आयोजन नहीं कराया गया। यही नहीं, संगठन और सरकार के मंत्री ने भी आडवाणी के साथ केवल प्रोटोकाल निभाया। न वो आत्मीयता दिखी और न ही वह प्रेम जो कभी चरम पर हुआ करता था।

कई नेता तो उनके साथ फोटो खिंचवाने से भी परहेज करते दिखे। काशी में आठों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यही नहीं मेयर पद के दावेदार भी आडवाणी के पास आशीर्वाद लेने नहीं पहुंचे। 

निकाय चुनाव की चर्चा से रहे दूर

आडवाणी ने अपना 90वां जन्मदिन काशी में मनाया PC: अमर उजाला

आठ नवंबर 1927 को जन्मे आडवाणी ने हिंदी माह के अनुसार अपना जन्मदिन मनाया। बाबतपुर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

शाम को खिड़किया घाट पर जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और प्रदेश के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी के साथ उन्होंने दीपदान किया। यहां से संत मोरारी बापू के लिए बना गए बजड़े कैलाश पर सवार होकर अस्सी तक दीपों से जगमगाते घाटों की आभा देखी।

क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि निकाय चुनाव पर उनसे किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई। आडवाणी रविवार की सुबह बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेकेंगे और शाम तक वापस दिल्ली लौट जाएंगे।

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निकाय चुनावः वाराणसी में कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री की पुत्रवधू को बनाया मेयर प्रत्याशी

congress  declared mayor candidate for varanasi body election
शालिनी यादव PC: अमर उजाला

निकाय चुनाव को लेकर वाराणसी में कांग्रेस ने लंबी जद्दोजहद के बाद मेयर पद के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं।

कांग्रेस ने शालिनी यादव के नाम पर मुहर लगा दी है। शालिनी यादव राज्य सभा के पूर्व उप सभापति श्यामलाल यादव की छोटी पुत्रवधू हैं। हालांकि पहली सूची के बाद पार्टी में उठे बगावती सुर के चलते पार्षद प्रत्याशियों की घोषणा अब तक नहीं की गई है। नामांकन में महज तीन दिन शेष हैं।

ऐसे में संभावित पार्षद प्रत्याशी भी ऊहापोह में हैं और जनसंपर्क से मुंह मोड़ रखा है। जिला स्तर पर 37 प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद मचे घमासान के चलते पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्षदों की सूची के लिए प्रदेश स्तर पर मंथन जारी है।

जिला स्तर से जो सूची भेजी गई है उसमें भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। जिला चुनाव संचालन समिति ने चार दिन की मशक्कत के बाद मेयर सहित वार्ड प्रत्याशियों की संभावित सूची प्रदेश समिति को भेज दी थी।

पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र शुक्रवार की देर शाम लखनऊ पहुंचे थे। उसके बाद शनिवार की देर शाम मेयर पद के लिए शालिनी यादव को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।

जिला स्तर पर 37 प्रत्याशियों की सूची 30 अक्तूबर को जारी की गई। इसके जारी होते ही सबसे पहले रामापुरा वार्ड के दावेदार व पुराने कार्यकर्ता प्रमोद वर्मा ने 41 समर्थकों संग पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा  दे दिया था।

इसे लेकर पार्टी के अंदर घमासान मचा ही था कि बागहाड़ा से घोषित प्रत्याशी ने शपथ पत्र के माध्यम से यह कहकर पार्टी की किरकिरी करा दी कि वह तो समाजवादी पार्टी का सदस्य है। फिलहाल मेयर पद के प्रत्याशी की घोषणा के बाद पार्टी हाईकमान अब पार्षदों की सूची जारी करने पर विचार कर रहा है।

मेयर पद की कांग्रेस उम्मीदवार शालिनी सात नवंबर को नामांकन करेंगी। यह जानकारी स्व. श्यामलाल यादव के सबसे छोटे पुत्र और शालिनी के पति अरुण यादव ने दी। शालिनी यादव मूलत: गाजीपुर की रहने वाली हैं। अंग्रेजी से बीए ऑनर्स के साथ उन्होंने लखनऊ से फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा किया है। फि लहाल वह एक मीडिया हाउस से जुड़ी हैं। कांग्रेस में इस परिवार की अच्छी साख है। 

बसपा की दूसरी सूची अटकी, पार्षद के दावेदारों में बेचैनी

नगर निकाय चुनाव के लिए बसपा की पार्षद प्रत्याशियों की दूसरी सूची अटक गई है। जिन दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया था, पार्टी अभी उन पर विचार विमर्श कर रही है। सात नवंबर नामांकन की आखिरी तिथि है, ऐसे में दूसरी सूची जारी न होने से दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई है। वहीं, मेयर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए भी अभी मंथन चल रहा है।

बसपा ने तीन दिन पहले पार्षद पद के 51 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। अभी 39 पदों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी होनी है। वहीं, मेयर और नगर पालिका रामनगर तथा नगर पंचायत गंगापुर के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी भी अभी घोषित नहीं किए गए।

सूत्रों का कहना है कि पार्टी अभी दावेदारों के कद और सामाजिक प्रभाव आदि के बाद में विचार कर रही है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी नगर निकाय चुनाव के जरिए संगठन को मजबूत करना चाहती है।

जनता के बीच अपनी पैठ बनाकर पार्टी का जनाधार बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य है। पार्टी के लोगों का कहना है कि पार्षदों की दूसरी सूची जल्द ही जारी होगी। वहीं, बसपा सुप्रीमो की हरी झंडी मिलने के बाद मेयर और अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।

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