केदारनाथ सिंह के जन्मदिवस पर विशेष प्रस्तुति

Kedarnath Singh

केदारनाथ सिंह (७ जुलाई १९३४ – १९ मार्च २०१८), हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि व साहित्यकार थे। वे अज्ञेय द्वारा सम्पादित तीसरा सप्तक के कवि रहे। भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा उन्हें वर्ष २०१३ का ४९वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था। वे यह पुरस्कार पाने वाले हिन्दी के १०वें लेखक थे। केदारनाथ सिंह का जन्म ७ जुलाई … पढ़ना जारी रखें केदारनाथ सिंह के जन्मदिवस पर विशेष प्रस्तुति

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देह की अनन्त यात्रा

ये जो काले रंग का कुर्ता है उसे कभी फेंकती नहीं मैं न तो किसी को देती हूँ। ये भी एक माध्यम है मेरी देह की अनन्त यात्रा को मापने के लिए। जो कभी शंकु हुआ करता था ये कुर्ता सी समय से आधार है, तय करने को मेरी देह रचना जो अब शंकु से … पढ़ना जारी रखें देह की अनन्त यात्रा

लालगंज प्रत्याशी नीलम सोनकर के समर्थन में योगी आदित्यनाथ ने माँगे वोट

लालगंज भाजपा प्रत्याशी नीलम सोनकर के समर्थन में योगी आदित्यनाथ की जनसभा। सीएम ने दावा कि इस बार अमेठी और आजमगढ़ में भी होगी बीजेपी की जीत। चुनाव आयोग के नोटिस पर योगी ने कहा, 'मैं प्रचार नहीं कर रहा होता हूं तब भी मंदिर जाता हूं'| 5 चरणों के चुनाव के बाद 53 में … पढ़ना जारी रखें लालगंज प्रत्याशी नीलम सोनकर के समर्थन में योगी आदित्यनाथ ने माँगे वोट

कालिदास के संस्कृत नाटक विक्रमोर्वशीयम् का हिन्दी कथा रूपांतर।

Vikramovarshiyam_kalidas| Apsara| Urvashi

एक बार देवलोक की परम सुंदरी अप्सरा उर्वशी अपनी सखियों के साथ कुबेर के भवन से लौट रही थी। मार्ग में केशी दैत्य ने उन्हें देख लिया और तब उसे उसकी सखी चित्रलेखा सहित वह बीच रास्ते से ही पकड़ कर ले गया।

आर्ट का पुल – फ़हीम आज़मी

पहले तो सारा इलाका एक ही था और उसका नाम भी एक ही था। इलाका बहुत उपजाऊ था। बहुत से बाग, खेत, जंगली पौधे, फूल और झाडियाँ सारे क्षेत्र में फैली हुयीं थीं। इसइलाके के वासियों को अपने जीवन की आवश्यकताएँ जुटाने के लिये किसी और इलाके पर आश्रित नहीं होना पडता था।खेतों से अनाज, … पढ़ना जारी रखें आर्ट का पुल – फ़हीम आज़मी

आत्मा शब्द मुक्तबोध की कविता का बीज

gajanan-madhav-muktibodh_literature-in-india-dot-com

गजानन माधव मुक्तिबोध का 1964 में निधन हुआ और उसी वर्ष उनका पहला कविता संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' प्रकाशित हुआ जिसे वो अपनी आँखों देख नहीं पाए.   इन पचास वर्षों में हिन्दी कविता पर जिस एक महत्तर कवि का सर्वाधिक सृजनात्मक प्रभाव महसूस किया गया है, जो आगे की कवि पीढ़ी की … पढ़ना जारी रखें आत्मा शब्द मुक्तबोध की कविता का बीज

करवाचौथ विशेष : शिकायत चाँद से

karwa chauth kaise karen_literature in india

कहाँ गया है चाँद हमारा आज प्रिये की पूजा है । कब तक ऐसे छुपा रहेगा बिना तेरे न दूजा है । भूख प्यास से व्याकुल है वो कुछ तो उसका ख्याल करो । जल्दी से आ जाओ प्यारे उसको न बेहाल करो । मांग भरे वो कब से बैठी बस तेरा इंतजार करे । … पढ़ना जारी रखें करवाचौथ विशेष : शिकायत चाँद से