हम सिर्फ एक ही हिन्दू राष्ट्र है इस दुनिया में फिर हम ये सेक्युलर राष्ट्र का तमगा ले कर क्यों घूम रहे है? इन गद्दारों को पनपने देने के लिए?

“ये है कन्हैया…एक वामपंथी नेता से पुरस्कार प्राप्त करते हुए…और यही से शायद इनकी वामपंथी विचारधारा की नींव पड़ी…ऐसा नही है कि मेरा संपर्क वामपंथियों से कभी नहीं रहा। बहुत करीब से जानता हूँ मैं वाम पंथी विचार धारा को| आज जहाँ कन्हैया खड़ा हुआ है…कभी उस जगह मैं भी खड़ा था और जानते है मुझे पुरस्कार में क्या मिला था- मार्क्स, एंगेल्स की बुक्स! … पढ़ना जारी रखें हम सिर्फ एक ही हिन्दू राष्ट्र है इस दुनिया में फिर हम ये सेक्युलर राष्ट्र का तमगा ले कर क्यों घूम रहे है? इन गद्दारों को पनपने देने के लिए?

मेरी डायरी के कुछ पन्नें – शक्ति सार्थ्य

1-) कुछ भी कहना ये साबित नहीँ करता कि मैँ वो हूँ… मेरा होना स्वाभाविक है… अक्सर उदास हो जाता हूँ… ये मेरे लिए होना… आप समझ लो कि मैँ स्वंय से नाराज हूँ… मैँ अपने आप से झगड़ता हूँ… जब कभी मैँ बहस मेँ अपने मन से हार जाता हूँ… ये बड़ा जिद्दी है… इसकी बातेँ माननी पड़ती हैँ… ये कुछ भी करा लेता … पढ़ना जारी रखें मेरी डायरी के कुछ पन्नें – शक्ति सार्थ्य