कालिदास के संस्कृत नाटक विक्रमोर्वशीयम् का हिन्दी कथा रूपांतर।

Vikramovarshiyam_kalidas| Apsara| Urvashi

एक बार देवलोक की परम सुंदरी अप्सरा उर्वशी अपनी सखियों के साथ कुबेर के भवन से लौट रही थी। मार्ग में केशी दैत्य ने उन्हें देख लिया और तब उसे उसकी सखी चित्रलेखा सहित वह बीच रास्ते से ही पकड़ कर ले गया।

Advertisements

मीमांसा दर्शन का स्वरूप

मीमांसा दर्शन सोलह अध्यायों का है, जिसमें बारह अध्याय क्रमबद्ध हैं। शास्त्रसंगति, अध्यायसंगति, पादसंगति और अधिकारसंगतियों से सुसंबद्ध है। इन बारह अध्यायों में जो छूट गया है, उसका निरूपण शेष चार अध्यायों में किया गया है जो 'संकर्षकांड' के नाम से प्रसिद्ध है। उसमें देवता के अधिकार का विवेचन किया गया है। अत: उसे 'देवता … पढ़ना जारी रखें मीमांसा दर्शन का स्वरूप

मीमांसा दर्शन क्या है?

मीमांसा दर्शन हिन्दुओं के छः दर्शनों में से एक है। पक्ष-प्रतिपक्ष को लेकर वेदवाक्यों के निर्णीत अर्थ के विचार का नाम मीमांसा है। उक्त विचार पूर्व आर्य परंपरा से चला आया है। किंतु आज से प्राय: सवा पाँच हजार वर्ष पूर्व सामवेद के आचार्य कृष्ण द्वैपायन के शिष्य ने उसे सूत्रबद्ध किया। सूत्रों में पूर् … पढ़ना जारी रखें मीमांसा दर्शन क्या है?

जैन धर्म में आगम

आगम शब्द का प्रयोग जैन धर्म के मूल ग्रंथों के लिए किया जाता है। केवल ज्ञान, मनपर्यव ज्ञानी, अवधि ज्ञानी, चतुर्दशपूर्व के धारक तथा दशपूर्व के धारक मुनियों को आगम कहा जाता है। कहीं कहीं नवपूर्व के धारक को भी आगम माना गया है। उपचार से इनके वचनों को भी आगम कहा गया है। जब … पढ़ना जारी रखें जैन धर्म में आगम

गंगुओं का हमारा युग और राजा भोज

गंगुओं का हमारा युग और राजा भोज [हमारी शिक्षा और व्यवस्था, आलेख – 20]

हमें तो वास्कोडिगामा ने खोजा है, भारतीय उससे पहले थे ही कहाँ? पढाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों का सरलीकरण करें तो महान खोजी-यात्री वास्कोडिगामा ने आबरा-कडाबरा कह कर जदू की छडी घुमाई और जिस देश का आविष्कार हुआ उसे हम आज भारत के नाम से जानते हैं? माना कि देश इसी तरह खोजे जाते हैं लेकिन … पढ़ना जारी रखें गंगुओं का हमारा युग और राजा भोज

महाभारत कथा : कैसे मिले द्रौपदी को पाँच पति?

कैसे-मिले-द्रौपदी-को-पाँच-पति-Literature-in-India

द्रौपदी को अकसर ‘पाँच पतियों वाली’ के रूप में जाना जाता है। लेकिन उसे कैसे और क्यों मिले पाँच पति? क्या पांडवों की अन्य पत्नियां भी थीं? जानते हैं। आपने पढ़ा: द्रौपदी के स्वयंवर में अनेक क्षत्रिय वीर योद्धा आए थे, जिनमें कर्ण भी था। लेकिन जब कोई स्वयंवर की शर्त को पूरा नहीं कर … पढ़ना जारी रखें महाभारत कथा : कैसे मिले द्रौपदी को पाँच पति?

महाभारत

Mahabharat | Mahabharata | महाभारत

महाभारत हिन्दुओं का एक प्रमुख काव्य ग्रंथ है, जो स्मृति वर्ग में आता है। कभी कभी केवल "भारत" कहा जाने वाला यह काव्यग्रंथ भारत का अनुपम धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और दार्शनिक ग्रंथ हैं। विश्व का सबसे लंबा यह साहित्यिक ग्रंथ और महाकाव्य, हिन्दू धर्म के मुख्यतम ग्रंथों में से एक है। इस ग्रन्थ को हिन्दू धर्म में पंचम वेद माना जाता है। यद्यपि इसे साहित्य की सबसे अनुपम कृतियों में से एक माना जाता है, किन्तु आज भी यह ग्रंथप्रत्येक भारतीय के लिये एक अनुकरणीय स्रोत है। … पढ़ना जारी रखें महाभारत