आज शाम है बहुत उदास

लोहामंडी… कृषि कुंज… इंदरपुरी… टोडापुर… ठक ठक ठक… खटारा ब्लू लाइन के कंडक्टर ने खिड़की से एक हाथ बाहर निकाल बस के टीन को पीटते हुए जोर से गला फाड़कर आवाज लगाई, मानो सवारियों के घर-दफ्तरों तक से उन्हें खींच लाने का मंसूबा हो। उस ठक-ठक में आस्था अक्सर टीन का रुदन सुना करती थी, उस दिन भी सुना। जिस बेरहमी से उसे पीटा जाता … पढ़ना जारी रखें आज शाम है बहुत उदास