मौत से ठन गई – अटल बिहारी वाजपेयी

maut se than gayi poem by atal bihari vajpayee

ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई। मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से … पढ़ना जारी रखें मौत से ठन गई – अटल बिहारी वाजपेयी

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जिन नेहरु को आज भाजपाई गरिया रहें है, उनकी मौत पर अटल जी की आखें हुई थी नम

Atal Bihari Vajpayee speaking in front of Huge mass about Nehru

महोदय, एक सपना था जो अधूरा रह गया, एक गीत था जो गूँगा हो गया, एक लौ थी जो अनन्त में विलीन हो गई। सपना था एक ऐसे संसार का जो भय और भूख से रहित होगा, गीत था एक ऐसे महाकाव्य का जिसमें गीता की गूँज और गुलाब की गंध थी। लौ थी एक … पढ़ना जारी रखें जिन नेहरु को आज भाजपाई गरिया रहें है, उनकी मौत पर अटल जी की आखें हुई थी नम