हिंदी साहित्य का इतिहास काल विभाजन

हिंदी साहित्य का इतिहास प्रथम संस्करण का वक्तव्य -आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

हिंदी कवियों का एक वृत्तसंग्रह ठाकुर शिवसिंह सेंगर ने सन् 1833 ई. में प्रस्तुत किया था। उसके पीछे सन् 1889 में डॉक्टर (अब सर) ग्रियर्सन ने ‘मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑव नार्दर्न हिंदुस्तान’ के नाम से एक वैसा ही बड़ा कविवृत्त-संग्रह निकाला। काशी की नागरीप्रचारिणी सभा का ध्यान आरंभ ही में इस बात की ओर गया कि सहस्रों हस्तलिखित हिंदी पुस्तकें देश के अनेक भागों में, … पढ़ना जारी रखें हिंदी साहित्य का इतिहास प्रथम संस्करण का वक्तव्य -आचार्य रामचन्द्र शुक्ल