जल-प्रांतर – अरुण प्रकाश

Arun Prakash Story in Hindi

दूर से मंदिर दिखाई देता था।   चारों तरफ फैले अछोर पानी के बीच घिरा शिव मंदिर। पानी इतना गहरा था कि हवा के थपेड़े से लहरें भी कम ही उठ पाती थीं। हवा पूरी तेजी से फेंके गए गेंद की तरह आती और पानी की सतह सहलाती आगे बढ़ जाती। पानी का किनारा धुँधला … पढ़ना जारी रखें जल-प्रांतर – अरुण प्रकाश

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