स्वतंत्रता – अजय वर्मा

अलगाव के बहुत अहसास है धर्म की आड़ है पंथों के दर्शन है मान्यताओं के भेद है वादों के सिद्धांत हैं अलगाव के बहुत अहसास है उम्र के बंधन है रिश्तो के नाम है साधनों के जश्न हैं अभावों के दर्द हैं अलगाव के बहुत अहसास है आस पाने की है डर खोने का है हकों की मांग है हितों का सवाल है अलगाव के … पढ़ना जारी रखें स्वतंत्रता – अजय वर्मा