ग्यारह सितंबर के बाद – अनवर सुहैल

ग्यारह सितंबर के बाद करीमपुरा में एक ही दिन, एक साथ दो बातें ऐसी हुर्इं, जिससे चिपकू तिवारी जैसे लोगों को बतकही का मसाला मिल गया। अव्वल तो ये कि हनीफ ने अपनी खास मियाँकट दाढ़ी कटवा ली। दूजा स्कूप अहमद ने जुटा दिया… जाने उसे क्या हुआ कि वह दँतनिपोरी छोड़ पक्का नमाजी बन गया और उसने चिकने चेहरे पर बेतरतीब दाढ़ी बढ़ानी शुरू … पढ़ना जारी रखें ग्यारह सितंबर के बाद – अनवर सुहैल

कुंजड़-कसाई : अनवर सुहैल

‘कुंजड़-कसाइयों को तमीज कहाँ… तमीज का ठेका तो तुम्हारे सैयदों ने जो ले रक्खा है?’ मुहम्मद लतीफ कुरैशी उर्फ एम एल कुरैशी बहुत कम बोला करते। कभी बोलते भी तो कफन फाड़कर बोलते। ऐसे कि सामने वाला खून के घूँट पीकर रह जाए। जुलेखा ने घूर कर उन्हें देखा। हर कड़वी बात उगलने से पहले उसके शौहर लतीफ साहब का चेहरा तन जाता है। कष्ट … पढ़ना जारी रखें कुंजड़-कसाई : अनवर सुहैल

फेसबूकियन – अनवर सुहैल

साहनी साहब ने फेसबुक  लागिन किया। जूसीपुस्सी69 आन-लाईन मिली। साहनी साहब ने चैटिंग पैड पर टाईप किया-‘‘हैलो बेब’’ तत्काल जवाब मिला-‘‘हाय सैक्सी’’ ‘‘आज क्या पहन रखा है?’’ ‘‘क्या कुछ पहनना जरूरी है?’’ ‘‘ओ, मीन्स?’’ ‘‘इट डज़न्ट मैटर!’’ ‘‘जस्ट आई वान्ट टू सी यू इन पिंक टाप!’’ ‘‘या, आयम इन पिंक टाप’’ अचानक डाटा इनकमिंग में प्राब्लम आई। वार्तालाप में बाधा आई। साहनी साहब ने टाईप … पढ़ना जारी रखें फेसबूकियन – अनवर सुहैल