मौत से ठन गई – अटल बिहारी वाजपेयी

maut se than gayi poem by atal bihari vajpayee

ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई। मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से … पढ़ना जारी रखें मौत से ठन गई – अटल बिहारी वाजपेयी

Advertisements

आज़मगढ़ में भाजपा बड़े पैमाने पर मनाएगी सुशासन दिवस, तैयारियां जोरों पर

भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाए जाने के लिए तैयारी बैठक आज़मगढ़ के पवई मण्डल में सम्पन्न हुई|   भाजपा केंद्रीय मुख्यालय के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने सुशासन दिवस को बड़े पैमाने पर सफल बनाने हेतु कमर कस ली है। इसी क्रम में आज़मगढ़ … पढ़ना जारी रखें आज़मगढ़ में भाजपा बड़े पैमाने पर मनाएगी सुशासन दिवस, तैयारियां जोरों पर

भारत ज़मीन का टुकड़ा नहीं-अटल बिहारी वाजपेयी

भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है। हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं। पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं। कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है। यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण … पढ़ना जारी रखें भारत ज़मीन का टुकड़ा नहीं-अटल बिहारी वाजपेयी