शहीद आरिफ पठान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब

पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हुए कस्बा भरगैन के सैनिक आरिफ को जम्मू में सेना के अफसरों ने अंतिम सलामी दी। वहीं भरगैन में आरिफ की शहादत को नमन किया गया। शोक में डूबे भरगैन के वाशिंदों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। उत्तरप्रदेश के भरगैन (कासगंज) के मूल निवासी शहीद मोहम्मद आरिफ़ पठान की वडोदरा में अंतिम यात्रा के दौरान उमड़ा … पढ़ना जारी रखें शहीद आरिफ पठान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब

ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे । आँख जो तुझपे उठी तो, हम दुश्मन को मिटा देंगे ।। ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे । वतन हम तेरे दीवाने, तुझपे सबकुछ लूटा देंगे । शाख पे जो आंच आई तो, हम शीश कटा देंगे ।। ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे । जिसने तेरा साथ निभाया, उसपे प्यार लूटा … पढ़ना जारी रखें ऐ भारत तेरी खातिर, हम खुदको मिटा देंगे ।

‘एनडीए शासन में सैनिकों के साथ बर्बरता की 3 घटनाएं, सेना को पाक के ख़िलाफ़ मिले फ्री हैंड’

एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना की क्रूरता के बारे में मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं. लिहाजा सरकार को सेना को खुला हाथ से कार्रवाई की अनुमति देना चाहिए ताकि वे अपनी तरह से निबट सकें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर में लगातार हमलों से सीमा पर सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान लग गया है. मेरा मानना है कि इससे भारतीय सेना की प्रतिष्ठा, सम्मान एवं मनोबल प्रभावित हुआ है.’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सरकार से मेरा एकमात्र अनुरोध है कि उचित समय पर उचित कार्रवाई करने के लिए सेना को स्वतंत्रता दी जाए. मेरा संदेश है कि सेना को स्वतंत्रता दी जाए कि वह पाकिस्तान के अमानुषिक, बर्बर कृत्य के प्रतिक्रिया स्वरूप समुचित कर सके.’’ पढ़ना जारी रखें ‘एनडीए शासन में सैनिकों के साथ बर्बरता की 3 घटनाएं, सेना को पाक के ख़िलाफ़ मिले फ्री हैंड’

साथी घर जाकर मत कहना,संकेतों में बतला देना

युद्ध में जख्मी सैनिक साथी से कहता है: ‘साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; यदि हाल मेरी माता पूछे तो, जलता दीप बुझा देना! इतने पर भी न समझे तो, दो आंसू तुम छलका देना!! यदि हाल मेरी बहना पूछे तो, सूनी कलाई दिखला देना! इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ दिखा देना !! यदि हाल मेरी पत्नी पूछे तो, … पढ़ना जारी रखें साथी घर जाकर मत कहना,संकेतों में बतला देना