महाकवि नागार्जुन की जयंती पर विशेष

Nagarjun_Poet

नागार्जुन (30जून 1911- 5 नवम्बर 1998) हिन्दी और मैथिली के अप्रतिम लेखक और कवि थे। अनेक भाषाओं के ज्ञाता तथा प्रगतिशील विचारधारा के साहित्यकार नागार्जुन ने हिन्दी के अतिरिक्त मैथिली संस्कृत एवं बाङ्ला में मौलिक रचनाएँ भी कीं तथा संस्कृत, मैथिली एवं बाङ्ला से अनुवाद कार्य भी किया। नागार्जुन का जन्म १९११ ई० की ज्येष्ठ … पढ़ना जारी रखें महाकवि नागार्जुन की जयंती पर विशेष

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प्रेत का बयान – नागार्जुन

Yamraj

"ओ रे प्रेत -" कडककर बोले नरक के मालिक यमराज -"सच - सच बतला ! कैसे मरा तू ? भूख से , अकाल से ? बुखार कालाजार से ? पेचिस बदहजमी , प्लेग महामारी से ? कैसे मरा तू , सच -सच बतला !" खड़ खड़ खड़ खड़ हड़ हड़ हड़ हड़ काँपा कुछ हाड़ों का मानवीय ढाँचा नचाकर लंबे चमचों - सा पंचगुरा हाथ रूखी - पतली किट - किट आवाज़ में प्रेत ने जवाब दिया -