राहुल गांधी की रैली में धनबाद पुलिस ने मोदी का मुखौटा पहने युवक को पीटा

एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमें यह देखा जा सकता है कि कैसे धनबाद पुलिस एक युवक को थप्पड़ मार रही है। युवक का क़सूर इतना सा था कि उसने राहुल गांधी की रैली में नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहन रखा था।

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किसानों की उम्मीदों पर आग की लौ, बिना संसाधनों के चल रहा दमकल विभाग

उत्तरप्रदेश के प्रत्येक ज़िले मे आगजनी से सुरक्षा हेतु वांछित संसाधनों की भारी कमी है। हालत ये है कि 40-50 लाख की आबादी वाले जिलों में सिर्फ़ 4-5 दमकल गाड़ियाँ हैं। यानी दस लाख की आबादी पर मात्र एक दमकल वाहन ऐसे में इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अगर कही भी … पढ़ना जारी रखें किसानों की उम्मीदों पर आग की लौ, बिना संसाधनों के चल रहा दमकल विभाग

जीएसटी से भारतीय लेखकों को नुकसान

जी एस टी के चक्कर में मेरी कई किताबें फ्लिप्कार्ट पर आने से रह गई हैं । कुछ समय पहले बड़ी मुश्किल से प्रकाशक को समझा-बुझा कर किताबों को आन लाईन करवाया था । प्रकाशक ने आज बताया कि हो सकता है जो कुछ किताबें फ्लिप्कार्ट पर हैं , वह भी कुछ दिन में हट … पढ़ना जारी रखें जीएसटी से भारतीय लेखकों को नुकसान

जिन नेहरु को आज भाजपाई गरिया रहें है, उनकी मौत पर अटल जी की आखें हुई थी नम

Atal Bihari Vajpayee speaking in front of Huge mass about Nehru

महोदय, एक सपना था जो अधूरा रह गया, एक गीत था जो गूँगा हो गया, एक लौ थी जो अनन्त में विलीन हो गई। सपना था एक ऐसे संसार का जो भय और भूख से रहित होगा, गीत था एक ऐसे महाकाव्य का जिसमें गीता की गूँज और गुलाब की गंध थी। लौ थी एक … पढ़ना जारी रखें जिन नेहरु को आज भाजपाई गरिया रहें है, उनकी मौत पर अटल जी की आखें हुई थी नम

बिहार में जंगल राज: दुल्हन और परिवार की महिलाओं को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने 'न्याय के साथ विकास' की बात कर के जनता का विश्वास तो जरूर जीता; परन्तु शासन में, व्यवहार में या विचार में न न्याय दिखता है और न ही विकास। आखिर क्या हो गया है उस छवि को, जिसके लिए आप जाने जाते थे? आम जनमानस ने … पढ़ना जारी रखें बिहार में जंगल राज: दुल्हन और परिवार की महिलाओं को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा

लाशों की बस्ती से राष्ट्रपति को 4500 ख़त!

"शमा को क्या पता, परवाना क्यों जलता है, वो सोचती है कोई भुला-भटका राहगीर है |” प्रणाम, बात सन 2004-2005 की है । मेरे गाँव - तेम्हुआ  में मेरे घर से तक़रीबन  500-600 मीटर की दूरी पर ग़रीबों की बस्ती है- थलही और बिरती । यहाँ  के बाशिंदे लगभग भूमिहीन है । रोज़ दूसरे के … पढ़ना जारी रखें लाशों की बस्ती से राष्ट्रपति को 4500 ख़त!

‘एनडीए शासन में सैनिकों के साथ बर्बरता की 3 घटनाएं, सेना को पाक के ख़िलाफ़ मिले फ्री हैंड’

एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना की क्रूरता के बारे में मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं. लिहाजा सरकार को सेना को खुला हाथ से कार्रवाई की अनुमति देना चाहिए ताकि वे अपनी तरह से निबट सकें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर में लगातार हमलों से सीमा पर सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान लग गया है. मेरा मानना है कि इससे भारतीय सेना की प्रतिष्ठा, सम्मान एवं मनोबल प्रभावित हुआ है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सरकार से मेरा एकमात्र अनुरोध है कि उचित समय पर उचित कार्रवाई करने के लिए सेना को स्वतंत्रता दी जाए. मेरा संदेश है कि सेना को स्वतंत्रता दी जाए कि वह पाकिस्तान के अमानुषिक, बर्बर कृत्य के प्रतिक्रिया स्वरूप समुचित कर सके.’’