मेरे सपने- जूनून भी सुकून भी…

पलकों के पालने में सजा है एक सपना, जब मैं जागती तो वो भी जागता, जब मैं सोती तो भी वो जागता ।     एक दिन पूछा मैंने उसको – नींद नहीं आती तुमको ? तो कहा सपने ने मुस्कुराते हुए ,  कौन आता है रोज़ तुम्हे उठाने के लिए ! तू जब भी है सोती , मेरे ही बीज बोती। और जब जागती , तो … पढ़ना जारी रखें मेरे सपने- जूनून भी सुकून भी…